📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ms Sarah Welch
देश
सुप्रीम कोर्ट पैनल ने हिमाचल पर्यटन हब्स के लिए क्षमता अध्ययन की मांग, हाईवे प्रोजेक्ट्स पर ध्यान
✍️ The Indian Express
🗓 28 अक्टू. 2026, 02:32 AM
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सुप्रीम कोर्ट के पैनल ने हिमाचल प्रदेश के पर्यटन केंद्रों के लिए क्षमता अध्ययन की सलाह दी है और राज्य में चल रहे हाईवे विस्तार परियोजनाओं की कड़ी जांच की मांग की है।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित पैनल ने हिमाचल प्रदेश के प्रमुख पर्यटन हब्स के लिए विस्तृत क्षमता मूल्यांकन करने की सलाह दी है। यह सुझाव इस बात को लेकर उठाया गया है कि अनियंत्रित विकास से स्थानीय बुनियादी ढांचा दबाव में आ सकता है और पहाड़ी क्षेत्रों के पर्यावरणीय संतुलन पर असर पड़ सकता है।
पैनल में वरिष्ठ न्यायाधीशों के साथ साथ पर्यटन और शहरी नियोजन के विशेषज्ञ शामिल हैं, जिन्होंने नई हाईवे विस्तार परियोजनाओं की कड़ी जांच का भी आग्रह किया। उन्होंने पर्यावरणीय प्रभाव, भूमि अधिग्रहण की समस्याएँ और मौजूदा यातायात पैटर्न में संभावित व्यवधानों का मूल्यांकन करने की आवश्यकता पर बल दिया।
इस क्षमता अध्ययन को लागू किया जाए तो शिमला, मनाली और धरोहर जैसे प्रमुख स्थलों की वहन क्षमता का मानचित्र तैयार किया जाएगा, जिससे भविष्य के निवेश और पर्यटक प्रबंधन रणनीतियों को दिशा मिलेगी। न्यायालय का यह कदम आर्थिक विकास को सतत बनाते हुए क्षेत्र की प्राकृतिक धरोहर की रक्षा करने का लक्ष्य रखता है।
राज्य अधिकारियों ने कहा है कि वे पैनल की सलाह पर विचार करेंगे और इस अध्ययन को चल रहे विकास योजनाओं में शामिल करने के उपाय तलाशेंगे। यह पहल हिमाचल प्रदेश में आर्थिक विकास और पर्यावरणीय संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करने के लिए न्यायिक ध्यान को दर्शाती है।
पैनल में वरिष्ठ न्यायाधीशों के साथ साथ पर्यटन और शहरी नियोजन के विशेषज्ञ शामिल हैं, जिन्होंने नई हाईवे विस्तार परियोजनाओं की कड़ी जांच का भी आग्रह किया। उन्होंने पर्यावरणीय प्रभाव, भूमि अधिग्रहण की समस्याएँ और मौजूदा यातायात पैटर्न में संभावित व्यवधानों का मूल्यांकन करने की आवश्यकता पर बल दिया।
इस क्षमता अध्ययन को लागू किया जाए तो शिमला, मनाली और धरोहर जैसे प्रमुख स्थलों की वहन क्षमता का मानचित्र तैयार किया जाएगा, जिससे भविष्य के निवेश और पर्यटक प्रबंधन रणनीतियों को दिशा मिलेगी। न्यायालय का यह कदम आर्थिक विकास को सतत बनाते हुए क्षेत्र की प्राकृतिक धरोहर की रक्षा करने का लक्ष्य रखता है।
राज्य अधिकारियों ने कहा है कि वे पैनल की सलाह पर विचार करेंगे और इस अध्ययन को चल रहे विकास योजनाओं में शामिल करने के उपाय तलाशेंगे। यह पहल हिमाचल प्रदेश में आर्थिक विकास और पर्यावरणीय संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करने के लिए न्यायिक ध्यान को दर्शाती है।