📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Subhashish Panigrahi
देश
सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया: दो हफ्ते में जजों की रिटायरमेंट उम्र बढ़ाने का फैसला लें
✍️ Amar Ujala
🗓 05 अग. 2026, 04:39 PM
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सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों को दो हफ्ते के भीतर जजों की रिटायरमेंट उम्र बढ़ाने का निर्णय लेने का निर्देश दिया, वित्तीय बोझ के बहाने को खारिज करते हुए।
सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया ने सभी राज्यों को जजों की रिटायरमेंट उम्र बढ़ाने के मुद्दे को दो हफ्ते के भीतर सुलझाने का निर्देश दिया है। यह निर्णय तब आया जब कई राज्यों ने वित्तीय बोझ को देरी का कारण बताया था। न्यायालय ने एकसमान निर्णय में कहा कि वित्तीय बोझ का तर्क गलत है और इस विषय पर तुरंत कार्रवाई आवश्यक है।
निर्देश में यह स्पष्ट किया गया है कि न्यायिक अधिकारियों की रिटायरमेंट उम्र का मुद्दा राष्ट्रीय महत्व का है और राज्यों को किसी भी बदलाव को लागू करने में देरी नहीं करनी चाहिए। न्यायालय ने बताया कि समय पर सुधार न होने से न्यायिक प्रणाली की दक्षता और स्वतंत्रता पर असर पड़ेगा।
दो‑हफ्ते की समय सीमा के भीतर, राज्य सरकारों को अपने प्रस्ताव और तर्क सुप्रीम कोर्ट को जमा करने होंगे। न्यायालय यह भी कह रहा है कि यदि आवश्यक हुआ तो वह आगे के आदेश जारी कर सकता है।
यह कदम न्यायिक रिटायरमेंट नीतियों पर चल रही बहस में एक महत्वपूर्ण मोड़ है और यह दर्शाता है कि सुप्रीम कोर्ट इस क्षेत्र में तेज़ी से कार्रवाई करने के लिए तैयार है।
निर्देश में यह स्पष्ट किया गया है कि न्यायिक अधिकारियों की रिटायरमेंट उम्र का मुद्दा राष्ट्रीय महत्व का है और राज्यों को किसी भी बदलाव को लागू करने में देरी नहीं करनी चाहिए। न्यायालय ने बताया कि समय पर सुधार न होने से न्यायिक प्रणाली की दक्षता और स्वतंत्रता पर असर पड़ेगा।
दो‑हफ्ते की समय सीमा के भीतर, राज्य सरकारों को अपने प्रस्ताव और तर्क सुप्रीम कोर्ट को जमा करने होंगे। न्यायालय यह भी कह रहा है कि यदि आवश्यक हुआ तो वह आगे के आदेश जारी कर सकता है।
यह कदम न्यायिक रिटायरमेंट नीतियों पर चल रही बहस में एक महत्वपूर्ण मोड़ है और यह दर्शाता है कि सुप्रीम कोर्ट इस क्षेत्र में तेज़ी से कार्रवाई करने के लिए तैयार है।