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सुप्रीम कोर्ट ने डिजिटल गिरफ्तारी रोकने और समय पर रिफंड सुनिश्चित करने हेतु SOPs का आदेश दिया
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Subhashish Panigrahi
अपराध

सुप्रीम कोर्ट ने डिजिटल गिरफ्तारी रोकने और समय पर रिफंड सुनिश्चित करने हेतु SOPs का आदेश दिया

✍️ The Hindu 🗓 04 अग. 2026, 10:38 PM 👁 40
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सुप्रीम कोर्ट ने डिजिटल गिरफ्तारी रोकने और समय पर रिफंड सुनिश्चित करने हेतु मानक संचालन प्रक्रियाएँ स्थापित करने का निर्देश दिया।

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में एक निर्णय में डिजिटल गिरफ्तारी की प्रथा को रोकने के लिए मानक संचालन प्रक्रियाएँ (SOPs) तैयार करने का आदेश दिया। इस आदेश के तहत गृह मंत्रालय और संबंधित एजेंसियों को डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म के उपयोग के लिए स्पष्ट दिशानिर्देश विकसित करने का निर्देश दिया गया है।

कोर्ट ने ज़ोर दिया कि डिजिटल माध्यम से की गई किसी भी गिरफ्तारी को पारदर्शी और जवाबदेह प्रक्रिया के तहत ही किया जाना चाहिए, और दुरुपयोग को रोकने के लिए जाँच के उपाय स्थापित किए जाने चाहिए। इसके अलावा, सभी अधिकारक्षेत्रों में अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए निगरानी तंत्र की स्थापना भी अनिवार्य की गई है।

डिजिटल गिरफ्तारी को रोकने के साथ-साथ, इस निर्णय में समयबद्ध ढंग से रिफंड सुनिश्चित करने की भी मांग की गई है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि डिजिटल गिरफ्तारी मामलों से संबंधित किसी भी धन को प्रभावित व्यक्तियों को निर्दिष्ट समय सीमा के भीतर वापस किया जाना चाहिए, जिससे नागरिकों के वित्तीय अधिकारों की रक्षा हो सके।

इन निर्देशों से कानून प्रवर्तन प्रथाओं में अधिक निरीक्षण और नागरिकों को मनमानी हिरासत व विलंबित रिफंड से सुरक्षा मिलने की उम्मीद है।
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