📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Subhashish Panigrahi
अपराध
सुप्रीम कोर्ट ने डिजिटल गिरफ्तारी धोखाधड़ी पीड़ितों को बैंक से मुआवजा देने का आदेश दिया
✍️ Sikkim News
🗓 30 अक्टू. 2026, 02:32 AM
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सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि डिजिटल गिरफ्तारी धोखाधड़ी के शिकारों को बैंक को उचित जांच न करने पर मुआवजा देना होगा।
सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा कि डिजिटल गिरफ्तारी धोखाधड़ी के शिकारों को बैंक को मुआवजा देना अनिवार्य है, यदि बैंक उचित जांच नहीं करता। यह आदेश कई याचिकाओं के बाद आया, जिसमें बताया गया कि धोखेबाज़ पुलिस अधिकारी का रूप धारण कर पीड़ितों को गिरफ्तार करने की धमकी देते हैं और बैंक के माध्यम से भुगतान करवाते हैं।
कोर्ट ने कहा कि बैंकों की यह कानूनी जिम्मेदारी है कि वे ऐसे अनुरोधों की सत्यता की पुष्टि करें, और यदि इस प्रक्रिया में चूक होती है तो ग्राहक को हुए नुकसान की भरपाई करनी होगी।
कानूनी विशेषज्ञों ने बताया कि यह निर्णय मौजूदा उपभोक्ता संरक्षण नियमों को मजबूत करेगा और बैंकों को इलेक्ट्रॉनिक लेन‑देन में कड़ी जांच लागू करने के लिए प्रेरित करेगा।
रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया द्वारा अनुपालन के लिए दिशा‑निर्देश तैयार किए जाएंगे, जिससे प्रभावित ग्राहकों को शीघ्र मुआवजा मिल सके।
कोर्ट ने कहा कि बैंकों की यह कानूनी जिम्मेदारी है कि वे ऐसे अनुरोधों की सत्यता की पुष्टि करें, और यदि इस प्रक्रिया में चूक होती है तो ग्राहक को हुए नुकसान की भरपाई करनी होगी।
कानूनी विशेषज्ञों ने बताया कि यह निर्णय मौजूदा उपभोक्ता संरक्षण नियमों को मजबूत करेगा और बैंकों को इलेक्ट्रॉनिक लेन‑देन में कड़ी जांच लागू करने के लिए प्रेरित करेगा।
रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया द्वारा अनुपालन के लिए दिशा‑निर्देश तैयार किए जाएंगे, जिससे प्रभावित ग्राहकों को शीघ्र मुआवजा मिल सके।