📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Subhashish Panigrahi
अपराध
सुप्रीम कोर्ट: भयंकर अपराधों में अब अल्पवयों को वयस्कों की तरह Tried किया जा सकता है
✍️ The Times of India
🗓 22 जुल. 2026, 03:18 AM
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सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया है कि अगर अपराध भयंकर है तो अल्पवयों को वयस्कों की तरह Tried किया जा सकता है. यह फैसला भारत में बाल न्याय के प्रति दृष्टिकोण में एक महत्वपूर्ण बदलाव को दर्शाता है.
सुप्रीम कोर्ट का फैसला कि भयंकर अपराधों के मामलों में अल्पवयों को वयस्कों की तरह Tried किया जा सकता है, देश की बाल न्याय प्रणाली में एक महत्वपूर्ण विकास है. यह फैसला यह दर्शाता है कि अपराध की गंभीरता यह तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी कि अल्पवयों को वयस्क के रूप में Tried किया जाना चाहिए या नहीं. अदालत के फैसले के दूरगामी परिणाम होने की उम्मीद है कि भारत बाल अपराधियों से कैसे निपटता है. यह फैसला इस सिद्धांत पर आधारित है कि अपराध की गंभीरता को प्राथमिक विचार के रूप में लिया जाना चाहिए, चाहे आरोपी की उम्र कुछ भी हो.