📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Pinakpani
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सुप्रीम कोर्ट ने जीआर इन्फ्रा प्रोजेक्ट्स बनाम मध्य प्रदेश केस (LiveLaw 2026 SC 852) को सूचीबद्ध किया
✍️ Live Law
🗓 24 अग. 2026, 02:04 PM
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Live Law ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने म.स. जीआर इन्फ्रा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड, रतलाम बनाम मध्य प्रदेश राज्य एवं अन्य के मामले को 2026 LiveLaw (SC) 852 के रूप में सूचीबद्ध किया है।
भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने म.स. जीआर इन्फ्रा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड, रतलाम बनाम मध्य प्रदेश राज्य एवं अन्य के मामले को अपने आधिकारिक अभिलेखों में दर्ज किया है, जैसा कि कानूनी समाचार पोर्टल Live Law ने बताया। इस मुकदमे को 2026 LiveLaw (SC) 852 के रूप में अंकित किया गया है, जो 2026 वर्ष में दर्ज होने का संकेत देता है।
वादी, जीआर इन्फ्रा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड, मध्य प्रदेश के रतलाम स्थित एक कॉर्पोरेट इकाई है, जिसने राज्य सरकार और अन्य प्रतिवादियों के खिलाफ याचिका दायर की है। उपलब्ध रिपोर्ट में विवाद के विषय या मांगों के बारे में कोई अतिरिक्त जानकारी नहीं दी गई है।
Live Law, जो न्यायिक विकासों को कवर करता है, ने इस मामले की संक्षिप्त सूचना प्रदान की है, लेकिन दावे, माँगी गई राहत या कार्यवाही की स्थिति के बारे में विस्तार नहीं दिया गया। यह प्रविष्टि संकेत देती है कि यह मामला सर्वोच्च न्यायालय में सुना जाएगा, जहाँ दोनों पक्षों के कानूनी तर्कों की जांच होगी।
हितधारक और पर्यवेक्षक आगे के दायरों और मौखिक तर्कों की प्रतीक्षा करेंगे, ताकि इस विवाद के बुनियादी ढाँचा क्षेत्र और मध्य प्रदेश में राज्य‑सरकार संबंधों पर संभावित प्रभाव को समझा जा सके।
वादी, जीआर इन्फ्रा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड, मध्य प्रदेश के रतलाम स्थित एक कॉर्पोरेट इकाई है, जिसने राज्य सरकार और अन्य प्रतिवादियों के खिलाफ याचिका दायर की है। उपलब्ध रिपोर्ट में विवाद के विषय या मांगों के बारे में कोई अतिरिक्त जानकारी नहीं दी गई है।
Live Law, जो न्यायिक विकासों को कवर करता है, ने इस मामले की संक्षिप्त सूचना प्रदान की है, लेकिन दावे, माँगी गई राहत या कार्यवाही की स्थिति के बारे में विस्तार नहीं दिया गया। यह प्रविष्टि संकेत देती है कि यह मामला सर्वोच्च न्यायालय में सुना जाएगा, जहाँ दोनों पक्षों के कानूनी तर्कों की जांच होगी।
हितधारक और पर्यवेक्षक आगे के दायरों और मौखिक तर्कों की प्रतीक्षा करेंगे, ताकि इस विवाद के बुनियादी ढाँचा क्षेत्र और मध्य प्रदेश में राज्य‑सरकार संबंधों पर संभावित प्रभाव को समझा जा सके।