📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Flashthomsom
अपराध
सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड हाई कोर्ट में आपराधिक अपीलों की 44‑साल की देरी को उजागर किया
✍️ Live Law
🗓 22 अग. 2026, 11:34 PM
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सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड हाई कोर्ट में आपराधिक अपीलों की 44 साल की देरी को चौंकाने वाला बताया।
सुप्रीम कोर्ट ने आपराधिक मामलों से संबंधित याचिका की सुनवाई के दौरान बताया कि झारखंड हाई कोर्ट में कई आपराधिक अपीलें 44 साल तक निपटाई नहीं गई हैं। न्यायालय ने इस अत्यधिक देरी को "चौंकाने वाला" कहा और समय पर न्याय के अधिकार पर इसके नकारात्मक प्रभाव को रेखांकित किया।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी लंबी देरी सार्वजनिक विश्वास को कमजोर करती है, खासकर जब आपराधिक मामलों में व्यक्ति की स्वतंत्रता दांव पर होती है। संविधान तेज़ी से सुनवाई का अधिकार देता है, और इस स्तर की बैकलॉग उस सिद्धांत के विरुद्ध है।
सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड हाई कोर्ट से तत्काल कदम उठाकर इस ऐतिहासिक बैकलॉग को कम करने का आग्रह किया, जिसमें पुराने फाइलों को प्राथमिकता देना और अतिरिक्त संसाधन आवंटित करना शामिल है। साथ ही केस प्रबंधन की प्रक्रिया में सुधार की भी सलाह दी गई।
रांची के वकीलों ने इस हस्तक्षेप का स्वागत किया और कहा कि अपील की यह दिशा राज्य के आपराधिक न्याय प्रशासन में सुधार लाने की संभावना रखती है। वे आशा करते हैं कि हाई कोर्ट आने वाले हफ्तों में विशिष्ट आदेश जारी करेगा जिससे लंबित अपीलों की निपटान गति बढ़ेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी लंबी देरी सार्वजनिक विश्वास को कमजोर करती है, खासकर जब आपराधिक मामलों में व्यक्ति की स्वतंत्रता दांव पर होती है। संविधान तेज़ी से सुनवाई का अधिकार देता है, और इस स्तर की बैकलॉग उस सिद्धांत के विरुद्ध है।
सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड हाई कोर्ट से तत्काल कदम उठाकर इस ऐतिहासिक बैकलॉग को कम करने का आग्रह किया, जिसमें पुराने फाइलों को प्राथमिकता देना और अतिरिक्त संसाधन आवंटित करना शामिल है। साथ ही केस प्रबंधन की प्रक्रिया में सुधार की भी सलाह दी गई।
रांची के वकीलों ने इस हस्तक्षेप का स्वागत किया और कहा कि अपील की यह दिशा राज्य के आपराधिक न्याय प्रशासन में सुधार लाने की संभावना रखती है। वे आशा करते हैं कि हाई कोर्ट आने वाले हफ्तों में विशिष्ट आदेश जारी करेगा जिससे लंबित अपीलों की निपटान गति बढ़ेगी।