📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Supreme Court of India
राजनीति
सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सूर्या कांत ने कहा: शांतिपूर्ण प्रदर्शन संवैधानिक रूप से सुरक्षित, लाठी-चार्ज अनुचित
✍️ Live Law
🗓 27 जुल. 2026, 02:08 PM
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मुख्य न्यायाधीश सूर्या कांत ने हाल ही में कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन संवैधानिक रूप से सुरक्षित हैं और केवल हलचल से लाठी-चार्ज का औचित्य नहीं बनता।
मुख्य न्यायाधीश सूर्या कांत ने हाल ही में कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन संवैधानिक रूप से सुरक्षित हैं और केवल हलचल से लाठी-चार्ज का औचित्य नहीं बनता। यह बयान मीडिया को दिए गए एक ब्रीफिंग के दौरान दिया गया, जहाँ न्यायाधीश ने नागरिक स्वतंत्रता पर न्यायालय की स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा, "शांतिपूर्ण प्रदर्शन एक मौलिक अधिकार है," और जोड़ा कि किसी भी बल प्रयोग को सार्वजनिक सुरक्षा के स्पष्ट खतरे के आधार पर ही उचित ठहराया जा सकता है।
यह टिप्पणी भारत के कई शहरों में चल रहे बड़े पैमाने पर प्रदर्शन के बीच आई है, जिनमें पर्यावरणीय मुद्दों से लेकर राजनीतिक सुधारों तक के विषय शामिल हैं। न्यायाधीश के इस कथन से नागरिकों को यह आश्वासन मिलता है कि उनका सभा और विरोध व्यक्त करने का अधिकार सुरक्षित है।
कानून प्रवर्तन अधिकारियों को संयम बरतने और बल प्रयोग को केवल तभी सीमित करने के लिए कहा गया है जब यह बिल्कुल आवश्यक हो। मुख्य न्यायाधीश के इन शब्दों से भविष्य के प्रदर्शन के दौरान पुलिस विभागों के कार्यों पर प्रभाव पड़ेगा, जिससे व्यवस्था बनाए रखने और नागरिक अधिकारों के बीच संतुलन बना रहेगा।
यह टिप्पणी भारत के कई शहरों में चल रहे बड़े पैमाने पर प्रदर्शन के बीच आई है, जिनमें पर्यावरणीय मुद्दों से लेकर राजनीतिक सुधारों तक के विषय शामिल हैं। न्यायाधीश के इस कथन से नागरिकों को यह आश्वासन मिलता है कि उनका सभा और विरोध व्यक्त करने का अधिकार सुरक्षित है।
कानून प्रवर्तन अधिकारियों को संयम बरतने और बल प्रयोग को केवल तभी सीमित करने के लिए कहा गया है जब यह बिल्कुल आवश्यक हो। मुख्य न्यायाधीश के इन शब्दों से भविष्य के प्रदर्शन के दौरान पुलिस विभागों के कार्यों पर प्रभाव पड़ेगा, जिससे व्यवस्था बनाए रखने और नागरिक अधिकारों के बीच संतुलन बना रहेगा।