📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Bollywood Hungama
खेल
क्रिकेट के विकास के लिए हर जगह खेलना आवश्यक, कहते हैं सुनील गावस्कर
✍️ The Hindu
🗓 08 सित. 2026, 04:39 AM
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पूर्व भारतीय क्रिकेट सितारे सुनील गावस्कर ने कहा कि क्रिकेट का विकास तभी संभव है जब इसे अधिक क्षेत्रों में खेला जाए, एशियन गेम्स से पहले।
पूर्व भारतीय बल्लेबाज़ी दिग्गज सुनील गावस्कर ने कहा कि क्रिकेट को बढ़ने के लिए नए क्षेत्रों में पहुँचना आवश्यक है। एशियन गेम्स से जुड़ी एक प्रेस ब्रीफ़िंग में उन्होंने बताया कि व्यापक भागीदारी ही खेल के भविष्य को सुरक्षित रखेगी।
गावस्कर ने यह भी कहा कि जबकि क्रिकेट का दक्षिण एशिया में बहुत बड़ा प्रशंसक वर्ग है, लेकिन इसका वैश्विक प्रभाव अभी सीमित है। उन्होंने क्रिकेट बोर्डों और शासकीय संस्थाओं से स्कूलों, क्लबों और उभरते बाजारों में इस खेल को बढ़ावा देने का आग्रह किया, यह तर्क देते हुए कि जमीनी स्तर पर एक्सपोज़र से एक बड़ा दर्शक वर्ग बन सकेगा।
इन टिप्पणियों का समय ऐसा है जब क्रिकेट एशियन गेम्स जैसे बहु‑खेल आयोजनों में लगातार जगह बना रहा है, जिससे पारंपरिक क्षेत्रों से बाहर के दर्शकों को भी यह खेल दिखाने का अवसर मिलता है। विश्व क्रिकेट परिषद द्वारा खेल के विस्तार के प्रयासों के साथ गावस्कर का यह संदेश मेल खाता है।
भारतीय क्रिकेट के हितधारकों ने इस बयान का स्वागत किया है और बताया कि गैर‑परम्परागत क्षेत्रों में क्रिकेट को परिचित कराने के लिए कई पहलें पहले से ही चल रही हैं। पूर्व कप्तान की इस वकालत से एक अधिक समावेशी और वैश्विक क्रिकेट इकोसिस्टम के निर्माण में बल मिलेगा।
गावस्कर ने यह भी कहा कि जबकि क्रिकेट का दक्षिण एशिया में बहुत बड़ा प्रशंसक वर्ग है, लेकिन इसका वैश्विक प्रभाव अभी सीमित है। उन्होंने क्रिकेट बोर्डों और शासकीय संस्थाओं से स्कूलों, क्लबों और उभरते बाजारों में इस खेल को बढ़ावा देने का आग्रह किया, यह तर्क देते हुए कि जमीनी स्तर पर एक्सपोज़र से एक बड़ा दर्शक वर्ग बन सकेगा।
इन टिप्पणियों का समय ऐसा है जब क्रिकेट एशियन गेम्स जैसे बहु‑खेल आयोजनों में लगातार जगह बना रहा है, जिससे पारंपरिक क्षेत्रों से बाहर के दर्शकों को भी यह खेल दिखाने का अवसर मिलता है। विश्व क्रिकेट परिषद द्वारा खेल के विस्तार के प्रयासों के साथ गावस्कर का यह संदेश मेल खाता है।
भारतीय क्रिकेट के हितधारकों ने इस बयान का स्वागत किया है और बताया कि गैर‑परम्परागत क्षेत्रों में क्रिकेट को परिचित कराने के लिए कई पहलें पहले से ही चल रही हैं। पूर्व कप्तान की इस वकालत से एक अधिक समावेशी और वैश्विक क्रिकेट इकोसिस्टम के निर्माण में बल मिलेगा।