SUMIT JAIN Reporter Riyawan
खेत मे विवाद के बाद दराते मे हमला करने वाली महिला को 6 माह की सश्रम सजा
- गेहूं काटने को लेकर हुआ था विवाद, महिला ने पीठ और सिर पर किए थे वार; कोर्ट ने लगाया 500 रुपये का अर्थदंड
जावरा। गेहूं की फसल काटने को लेकर हुए विवाद में महिला पर धारदार दराते से हमला करने के मामले में न्यायालय ने आरोपी महिला को दोषी ठहराते हुए 6 माह के सश्रम कारावास और 500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। यह फैसला न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी जावरा श्री दिलीप पाटिल की अदालत ने सुनाया। प्रकरण में अभियोजन की ओर से सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी राजेन्द्र देवड़ा ने पैरवी की।
गेहूं काटने को लेकर हुआ था विवाद -
अभियोजन के अनुसार घटना 14 अप्रैल 2022 की है। फरियादी राजूबाई गरगामा के डोडियाना रोड स्थित खेत में गेहूं की फसल काट रही थी। उसके साथ उसके पति, बेटी प्रेमलता तथा आरोपी सागरबाई, उसका पति पीरूलाल और उनकी बेटियां रीना व मधु भी गेहूं काट रहे थे। इसी दौरान आरोपी सागरबाई पति पीरू चर्मकार (40), निवासी ग्राम सरसी, थाना औद्योगिक क्षेत्र जावरा ने गेहूं कम काटने की बात को लेकर विवाद शुरू कर दिया। फरियादी द्वारा अपने हिस्से का गेहूं स्वयं काटने की बात कहने पर आरोपी गाली-गलौज करने लगी।
दराते से पीठ और सिर पर किए वार -
अभियोजन के मुताबिक, गाली देने से मना करने पर सागरबाई ने धारदार दराते से राजूबाई की पीठ और सिर पर दो-तीन स्थानों पर वार कर दिए। हमले में राजूबाई के सिर में चोट लगने से खून निकलने लगा। मौके पर मौजूद उसके पति ने बीच बचाव किया। घटना के बाद फरियादी ने थाना औद्योगिक क्षेत्रजावरा में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 324 एवं 504 में प्रकरण दर्ज कर विवेचना की।
साक्ष्य और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर दोषसिद्धि -
विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। प्रकरण में प्रस्तुत दस्तावेजी, लिखित एवं मेडिकल साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद न्यायालय ने आरोपी सागरबाई को धारा 324 भादवि के तहत दोषी पाया। न्यायालय ने 31 अगस्त 2026 को आरोपी को 6 माह का सश्रम कारावास एवं 500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। प्रकरण में अभियोजन की ओर से सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी राजेन्द्र देवड़ा ने साक्ष्य प्रस्तुत कराए तथा न्यायालय के समक्ष प्रभावी तर्क रखे। प्रकरण की विवेचना भारतसिंह सिंगाड़ द्वारा की गई थी।जावरा में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 324 एवं 504 में प्रकरण दर्ज कर विवेचना की।
साक्ष्य और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर दोषसिद्धि -
विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। प्रकरण में प्रस्तुत दस्तावेजी, लिखित एवं मेडिकल साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद न्यायालय ने आरोपी सागरबाई को धारा 324 भादवि के तहत दोषी पाया। न्यायालय ने 31 अगस्त 2026 को आरोपी को 6 माह का सश्रम कारावास एवं 500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। प्रकरण में अभियोजन की ओर से सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी राजेन्द्र देवड़ा ने साक्ष्य प्रस्तुत कराए तथा न्यायालय के समक्ष प्रभावी तर्क रखे। प्रकरण की विवेचना भारतसिंह सिंगाड़ द्वारा की गई थी।जावरा में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 324 एवं 504 में प्रकरण दर्ज कर विवेचना की।
साक्ष्य और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर दोषसिद्धि -
विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। प्रकरण में प्रस्तुत दस्तावेजी, लिखित एवं मेडिकल साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद न्यायालय ने आरोपी सागरबाई को धारा 324 भादवि के तहत दोषी पाया। न्यायालय ने 31 अगस्त 2026 को आरोपी को 6 माह का सश्रम कारावास एवं 500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। प्रकरण में अभियोजन की ओर से सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी राजेन्द्र देवड़ा ने साक्ष्य प्रस्तुत कराए तथा न्यायालय के समक्ष प्रभावी तर्क रखे। प्रकरण की विवेचना भारतसिंह सिंगाड़ द्वारा की गई थी।
जावरा। गेहूं की फसल काटने को लेकर हुए विवाद में महिला पर धारदार दराते से हमला करने के मामले में न्यायालय ने आरोपी महिला को दोषी ठहराते हुए 6 माह के सश्रम कारावास और 500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। यह फैसला न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी जावरा श्री दिलीप पाटिल की अदालत ने सुनाया। प्रकरण में अभियोजन की ओर से सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी राजेन्द्र देवड़ा ने पैरवी की।
गेहूं काटने को लेकर हुआ था विवाद -
अभियोजन के अनुसार घटना 14 अप्रैल 2022 की है। फरियादी राजूबाई गरगामा के डोडियाना रोड स्थित खेत में गेहूं की फसल काट रही थी। उसके साथ उसके पति, बेटी प्रेमलता तथा आरोपी सागरबाई, उसका पति पीरूलाल और उनकी बेटियां रीना व मधु भी गेहूं काट रहे थे। इसी दौरान आरोपी सागरबाई पति पीरू चर्मकार (40), निवासी ग्राम सरसी, थाना औद्योगिक क्षेत्र जावरा ने गेहूं कम काटने की बात को लेकर विवाद शुरू कर दिया। फरियादी द्वारा अपने हिस्से का गेहूं स्वयं काटने की बात कहने पर आरोपी गाली-गलौज करने लगी।
दराते से पीठ और सिर पर किए वार -
अभियोजन के मुताबिक, गाली देने से मना करने पर सागरबाई ने धारदार दराते से राजूबाई की पीठ और सिर पर दो-तीन स्थानों पर वार कर दिए। हमले में राजूबाई के सिर में चोट लगने से खून निकलने लगा। मौके पर मौजूद उसके पति ने बीच बचाव किया। घटना के बाद फरियादी ने थाना औद्योगिक क्षेत्रजावरा में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 324 एवं 504 में प्रकरण दर्ज कर विवेचना की।
साक्ष्य और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर दोषसिद्धि -
विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। प्रकरण में प्रस्तुत दस्तावेजी, लिखित एवं मेडिकल साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद न्यायालय ने आरोपी सागरबाई को धारा 324 भादवि के तहत दोषी पाया। न्यायालय ने 31 अगस्त 2026 को आरोपी को 6 माह का सश्रम कारावास एवं 500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। प्रकरण में अभियोजन की ओर से सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी राजेन्द्र देवड़ा ने साक्ष्य प्रस्तुत कराए तथा न्यायालय के समक्ष प्रभावी तर्क रखे। प्रकरण की विवेचना भारतसिंह सिंगाड़ द्वारा की गई थी।जावरा में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 324 एवं 504 में प्रकरण दर्ज कर विवेचना की।
साक्ष्य और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर दोषसिद्धि -
विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। प्रकरण में प्रस्तुत दस्तावेजी, लिखित एवं मेडिकल साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद न्यायालय ने आरोपी सागरबाई को धारा 324 भादवि के तहत दोषी पाया। न्यायालय ने 31 अगस्त 2026 को आरोपी को 6 माह का सश्रम कारावास एवं 500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। प्रकरण में अभियोजन की ओर से सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी राजेन्द्र देवड़ा ने साक्ष्य प्रस्तुत कराए तथा न्यायालय के समक्ष प्रभावी तर्क रखे। प्रकरण की विवेचना भारतसिंह सिंगाड़ द्वारा की गई थी।जावरा में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 324 एवं 504 में प्रकरण दर्ज कर विवेचना की।
साक्ष्य और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर दोषसिद्धि -
विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। प्रकरण में प्रस्तुत दस्तावेजी, लिखित एवं मेडिकल साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद न्यायालय ने आरोपी सागरबाई को धारा 324 भादवि के तहत दोषी पाया। न्यायालय ने 31 अगस्त 2026 को आरोपी को 6 माह का सश्रम कारावास एवं 500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। प्रकरण में अभियोजन की ओर से सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी राजेन्द्र देवड़ा ने साक्ष्य प्रस्तुत कराए तथा न्यायालय के समक्ष प्रभावी तर्क रखे। प्रकरण की विवेचना भारतसिंह सिंगाड़ द्वारा की गई थी।