📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Gandhavadiniharika
जीवनशैली
सुमन्थ और सुप्रिया यरलगड्डा ने रक्षाबंधन के बढ़ते महत्व को बताया
✍️ The Times of India
🗓 29 अग. 2026, 04:50 AM
👁 45
सुमन्थ‑सुप्रिया यरलगड्डा ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि उम्र के साथ रक्षाबंधन का उनका महत्व बढ़ गया है।
फ़िल्मी दंपति सुमन्थ और सुप्रिया यरलगड्डा ने टाइम्स ऑफ इंडिया के साथ एक साक्षात्कार में बताया कि उम्र बढ़ने के साथ रक्षाबंधन का उनका महत्व कैसे बदल गया है। उन्होंने कहा कि पहले यह केवल एक साधारण उत्सव था, पर अब यह भावनात्मक रूप से अधिक गहरा हो गया है, क्योंकि वे पारिवारिक बंधनों को अधिक सराहते हैं।
जोड़े ने कहा कि यह त्यौहार रिश्तेदारों से फिर से जुड़ने और अपने जीवन‑करियर में मिली समर्थन के लिए कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर देता है। रक्षी बांधना अब केवल एक सांस्कृतिक औपचारिकता नहीं, बल्कि पारस्परिक जिम्मेदारी और स्नेह की याद दिलाता है।
सुमन्थ और सुप्रिया दोनों ने कहा कि रक्षाबंधन का बदलता महत्व उनके व्यक्तिगत विकास को दर्शाता है, और यह दर्शाता है कि इस त्यौहार की प्रासंगिकता आज के भारतीय परिवारों में कितनी स्थायी है।
जोड़े ने कहा कि यह त्यौहार रिश्तेदारों से फिर से जुड़ने और अपने जीवन‑करियर में मिली समर्थन के लिए कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर देता है। रक्षी बांधना अब केवल एक सांस्कृतिक औपचारिकता नहीं, बल्कि पारस्परिक जिम्मेदारी और स्नेह की याद दिलाता है।
सुमन्थ और सुप्रिया दोनों ने कहा कि रक्षाबंधन का बदलता महत्व उनके व्यक्तिगत विकास को दर्शाता है, और यह दर्शाता है कि इस त्यौहार की प्रासंगिकता आज के भारतीय परिवारों में कितनी स्थायी है।