📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / MODIS Land Rapid Response Team, NASA GSFC
मौसम
अध्ययन में पंजाब और हरियाणा में हीटवेव की तीव्रता में तेज़ी
✍️ Hindustan Times
🗓 22 सित. 2026, 08:36 AM
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एक नवीन अध्ययन ने पंजाब और हरियाणा में हीटवेव की तीव्रता में तेज़ी को उजागर किया, जिससे नागरिकों और कृषि को चिंता है।
एक नया शोध रिपोर्ट बताता है कि उत्तर भारत के पंजाब और हरियाणा में हीटवेव की तीव्रता और आवृत्ति में हाल के वर्षों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। हिंदुस्तान टाइम्स द्वारा उद्धृत इस अध्ययन में बताया गया है कि यह प्रवृत्ति गर्मियों के महीनों में स्वास्थ्य जोखिमों को बढ़ा सकती है और जल संसाधनों पर दबाव डाल सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ते तापमान का कृषि उत्पादन, विशेषकर गेंहू और धान जैसी जल‑सघन फसलों पर नकारात्मक असर पड़ेगा, जो इस क्षेत्र की मुख्य फसलें हैं। अध्ययन ने चेतावनी दी है कि लगातार उच्च तापमान से संवेदनशील वर्गों में हीट‑संबंधी बीमारियों की घटनाएँ बढ़ सकती हैं।
पंजाब और हरियाणा के राज्य अधिकारियों से हीटवेव तैयारी को सुदृढ़ करने का आग्रह किया गया है, जिसमें समय पर चेतावनी प्रणाली, जन जागरूकता अभियान और बाहर काम करने वाले श्रमिकों के लिए पर्याप्त ठंडे शरणस्थल सुनिश्चित करना शामिल है।
इन निष्कर्षों से जलवायु परिवर्तन के व्यापक चुनौतियों के बीच इस क्षेत्र को समन्वित अनुकूलन रणनीतियों की आवश्यकता पर बल मिलता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ते तापमान का कृषि उत्पादन, विशेषकर गेंहू और धान जैसी जल‑सघन फसलों पर नकारात्मक असर पड़ेगा, जो इस क्षेत्र की मुख्य फसलें हैं। अध्ययन ने चेतावनी दी है कि लगातार उच्च तापमान से संवेदनशील वर्गों में हीट‑संबंधी बीमारियों की घटनाएँ बढ़ सकती हैं।
पंजाब और हरियाणा के राज्य अधिकारियों से हीटवेव तैयारी को सुदृढ़ करने का आग्रह किया गया है, जिसमें समय पर चेतावनी प्रणाली, जन जागरूकता अभियान और बाहर काम करने वाले श्रमिकों के लिए पर्याप्त ठंडे शरणस्थल सुनिश्चित करना शामिल है।
इन निष्कर्षों से जलवायु परिवर्तन के व्यापक चुनौतियों के बीच इस क्षेत्र को समन्वित अनुकूलन रणनीतियों की आवश्यकता पर बल मिलता है।