📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Diego Delso
टेक्नोलॉजी
अध्ययन से पता चला: पीवी संबंधित आग आम तौर पर हल्की क्षति का कारण बनती है
✍️ pv magazine India
🗓 03 अग. 2026, 09:39 PM
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पीवी मैगज़ीन इंडिया द्वारा प्रकाशित अध्ययन में पाया गया कि फोटोवोल्टिक पैनल से जुड़ी आग आम तौर पर सीमित क्षति का कारण बनती है, अधिकांश घटनाओं में मामूली संपत्ति नुकसान होता है।
पीवी मैगज़ीन इंडिया ने फोटोवोल्टिक (PV) पैनलों से जुड़ी आग के प्रभाव पर एक अध्ययन प्रकाशित किया है। इस शोध में पिछले पाँच वर्षों के घटना रिपोर्टों का विश्लेषण किया गया और पाया गया कि अधिकांश पीवी संबंधित आग सीमित क्षति का कारण बनती हैं, जिनमें मुख्यतः मामूली संपत्ति नुकसान और कोई महत्वपूर्ण संरचनात्मक क्षति नहीं होती।
अध्ययन यह दर्शाता है कि PV सिस्टम से जुड़ी आग का जोखिम सामान्यतः कम है, खासकर जब सही स्थापना और रखरखाव प्रोटोकॉल का पालन किया जाता है। अधिकांश मामलों में आग पैनल या माउंटिंग संरचना तक सीमित रही, और आसपास की इमारत प्रभावित नहीं हुई।
उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि ये निष्कर्ष सौर प्रतिष्ठानों की सुरक्षा रिकॉर्ड को सुदृढ़ करते हैं और बीमा प्रीमियम व नियामक मानकों को प्रभावित कर सकते हैं। डेटा यह भी रेखांकित करता है कि नियमित निरीक्षण और अग्निरोधी सामग्री का उपयोग नए सौर परियोजनाओं में आवश्यक है।
हालाँकि यह अध्ययन आश्वस्त करता है, शोधकर्ताओं ने लगातार पीवी आग घटनाओं की निगरानी जारी रखने की सिफारिश की है ताकि सुरक्षा दिशानिर्देशों को और बेहतर बनाया जा सके और बढ़ते सौर क्षेत्र को स्वच्छ और सुरक्षित रखा जा सके।
अध्ययन यह दर्शाता है कि PV सिस्टम से जुड़ी आग का जोखिम सामान्यतः कम है, खासकर जब सही स्थापना और रखरखाव प्रोटोकॉल का पालन किया जाता है। अधिकांश मामलों में आग पैनल या माउंटिंग संरचना तक सीमित रही, और आसपास की इमारत प्रभावित नहीं हुई।
उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि ये निष्कर्ष सौर प्रतिष्ठानों की सुरक्षा रिकॉर्ड को सुदृढ़ करते हैं और बीमा प्रीमियम व नियामक मानकों को प्रभावित कर सकते हैं। डेटा यह भी रेखांकित करता है कि नियमित निरीक्षण और अग्निरोधी सामग्री का उपयोग नए सौर परियोजनाओं में आवश्यक है।
हालाँकि यह अध्ययन आश्वस्त करता है, शोधकर्ताओं ने लगातार पीवी आग घटनाओं की निगरानी जारी रखने की सिफारिश की है ताकि सुरक्षा दिशानिर्देशों को और बेहतर बनाया जा सके और बढ़ते सौर क्षेत्र को स्वच्छ और सुरक्षित रखा जा सके।