📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Jakub Hałun
अपराध
दिल्ली में 18 महीने के शिशु पर आवारा कुत्ते का हमला, बच्चा आईसीयू में भर्ती
✍️ Amar Ujala · Delhi
🗓 19 सित. 2026, 03:01 PM
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दिल्ली में एक आवारा कुत्ते ने 18 महीने के शिशु पर हमला किया, चेहरे पर चोट लगने के बाद बच्चा आईसीयू में भर्ती हुआ, घटना सीसीटीवी में दर्ज हुई।
दिल्ली के एक आवासीय क्षेत्र में एक आवारा कुत्ता प्रवेश कर 18 महीने के शिशु पर हमला कर गया, जिससे बच्चे के चेहरे पर कट लग गया। आसपास मौजूद लोगों ने कुत्ते को रोकते हुए तुरंत आपातकालीन सेवाओं को बुलाया। बच्चे को निकटवर्ती अस्पताल ले जाया गया जहाँ डॉक्टरों ने जख्मों का मूल्यांकन कर बच्चे को आईसीयू में भर्ती कर दिया गया।
डॉक्टरों ने बताया कि जख्म जीवन‑धमकी वाले नहीं हैं, परंतु उन्हें टांके की आवश्यकता है और संक्रमण से बचाव के लिए निकट निगरानी में रखा गया है। बच्चा वर्तमान में आईसीयू में देखरेख में है और डॉक्टर पूर्ण स्वस्थ होने की उम्मीद जताते हैं।
पड़ोस में स्थापित सीसीटीवी कैमरों ने पूरी घटना को रिकॉर्ड किया, जिसमें कुत्ते का शिशु पर झपट्टा मारते हुए दिखाया गया है, जिसे बाद में रोक दिया गया। यह फुटेज स्थानीय पुलिस को सौंप दी गई है ताकि आवारा कुत्ते के व्यवहार और पशु नियंत्रण में संभावित लापरवाही की जांच की जा सके।
दिल्ली प्रशासन ने आवारा कुत्ते प्रबंधन को कड़ा करने और जनता में जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया है। उन्होंने निवासियों से आग्रह किया है कि वे आक्रामक जानवरों की तुरंत सूचना दें और बच्चों व अन्य संवेदनशील समूहों की सुरक्षा के लिए मौजूदा उपायों की समीक्षा की जा रही है।
डॉक्टरों ने बताया कि जख्म जीवन‑धमकी वाले नहीं हैं, परंतु उन्हें टांके की आवश्यकता है और संक्रमण से बचाव के लिए निकट निगरानी में रखा गया है। बच्चा वर्तमान में आईसीयू में देखरेख में है और डॉक्टर पूर्ण स्वस्थ होने की उम्मीद जताते हैं।
पड़ोस में स्थापित सीसीटीवी कैमरों ने पूरी घटना को रिकॉर्ड किया, जिसमें कुत्ते का शिशु पर झपट्टा मारते हुए दिखाया गया है, जिसे बाद में रोक दिया गया। यह फुटेज स्थानीय पुलिस को सौंप दी गई है ताकि आवारा कुत्ते के व्यवहार और पशु नियंत्रण में संभावित लापरवाही की जांच की जा सके।
दिल्ली प्रशासन ने आवारा कुत्ते प्रबंधन को कड़ा करने और जनता में जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया है। उन्होंने निवासियों से आग्रह किया है कि वे आक्रामक जानवरों की तुरंत सूचना दें और बच्चों व अन्य संवेदनशील समूहों की सुरक्षा के लिए मौजूदा उपायों की समीक्षा की जा रही है।