📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Itsyaboipinetree
बिज़नेस
स्टर्लिंग लेपर्ड हेवन ने राजस्थान के जवाई में नया वन्यावास रिट्रीट खोला
✍️ Hotelier India
🗓 17 अक्टू. 2026, 02:32 AM
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हॉस्पिटैलिटी समूह स्टर्लिंग लेपर्ड हेवन जवाई ने राजस्थान के जवाई में एक वन्यावास रिट्रीट खोला, जहाँ मेहमान प्रकृति के करीब रह सकेंगे।
स्टर्लिंग लेपर्ड हेवन जवाई, एक बुटीक हॉस्पिटैलिटी ब्रांड ने राजस्थान के पाली जिले के जवाई में अपना नया वन्यावास रिट्रीट खोलने की घोषणा की है। यह रिसॉर्ट लक्ज़री को स्थानीय प्राकृतिक परिदृश्य के साथ जोड़ता है, जिसमें इको‑फ्रेंडली केबिन, वन्यजीव सफारी और स्थानीय संस्कृति पर विशेष ध्यान दिया गया है।
यह कदम भारत में अनुभवात्मक यात्रा के बढ़ते रुझान के साथ मेल खाता है, जहाँ यात्रियों को अनोखे स्थानों में प्रकृति के करीब रहने का अवसर मिलता है। जवाई रिट्रीट उन घरेलू और विदेशी यात्रियों को आकर्षित करने की आशा रखता है जो भीड़भाड़ वाले शहरों के होटल से दूर एक शांतिपूर्ण ठहराव चाहते हैं।
रिसॉर्ट में खुली हवा में भोजन स्थल, क्षेत्रीय व्यंजन, पारंपरिक राजस्थानी उपचारों पर आधारित छोटा स्पा और पास के तेंदुओं की जनसंख्या को समर्थन देने वाला संरक्षण कार्यक्रम शामिल है। इस परियोजना से स्थानीय समुदाय को रोजगार के अवसर मिलने और सतत पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
स्टर्लिंग लेपर्ड हेवन जवाई ने इस रिट्रीट को साल भर चलने वाला गंतव्य बनाने की योजना बनाई है, जिसमें प्रकृति‑केंद्रित कार्यक्रम और कार्यशालाएँ आयोजित की जाएँगी। यह पहल राजस्थान को किलों और महलों से परे एक विविध पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करने में मदद करेगी।
यह कदम भारत में अनुभवात्मक यात्रा के बढ़ते रुझान के साथ मेल खाता है, जहाँ यात्रियों को अनोखे स्थानों में प्रकृति के करीब रहने का अवसर मिलता है। जवाई रिट्रीट उन घरेलू और विदेशी यात्रियों को आकर्षित करने की आशा रखता है जो भीड़भाड़ वाले शहरों के होटल से दूर एक शांतिपूर्ण ठहराव चाहते हैं।
रिसॉर्ट में खुली हवा में भोजन स्थल, क्षेत्रीय व्यंजन, पारंपरिक राजस्थानी उपचारों पर आधारित छोटा स्पा और पास के तेंदुओं की जनसंख्या को समर्थन देने वाला संरक्षण कार्यक्रम शामिल है। इस परियोजना से स्थानीय समुदाय को रोजगार के अवसर मिलने और सतत पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
स्टर्लिंग लेपर्ड हेवन जवाई ने इस रिट्रीट को साल भर चलने वाला गंतव्य बनाने की योजना बनाई है, जिसमें प्रकृति‑केंद्रित कार्यक्रम और कार्यशालाएँ आयोजित की जाएँगी। यह पहल राजस्थान को किलों और महलों से परे एक विविध पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करने में मदद करेगी।