📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Bollywood Hungama
मनोरंजन
एस.एस. राजामौली ने महेश बाबू‑प्रियांका चोपड़ा की फिल्म ‘वाराणसी’ के डबिंग के लिए 1500 आवाज़ों का ऑडिशन
✍️ The Times of India
🗓 23 अग. 2026, 10:37 PM
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प्रसिद्ध निर्देशक एस.एस. राजामौली महेश बाबू‑प्रियांका चोपड़ा की आगामी फिल्म ‘वाराणसी’ के डबिंग हेतु 1500 आवाज़ों का ऑडिशन करेंगे।
प्रसिद्ध फिल्मनिर्माता एस.एस. राजामौली को महेश बाबू‑प्रियांका चोपड़ा की आगामी बाइ‑लिंगुअल फिल्म ‘वाराणसी’ के डबिंग प्रक्रिया की देखरेख के लिए नियुक्त किया गया है। रिपोर्टों के अनुसार, निर्देशक लगभग 1,500 आवाज़ कलाकारों की रिकॉर्डिंग सुनेंगे और सबसे उपयुक्त टैलेंट का चयन करेंगे।
यह व्यापक ऑडिशन फिल्म के संवादों को विभिन्न क्षेत्रों में प्रामाणिक रूप से प्रस्तुत करने के उद्देश्य से किया जा रहा है, खासकर दोनों ही सितारों की लोकप्रियता को देखते हुए। उद्योग के अंदरूनी लोगों का कहना है कि भारतीय सिनेमा में इतनी बड़ी आवाज़‑सैंपलिंग प्रक्रिया दुर्लभ है और यह राजामौली की ध्वनि‑डिज़ाइन में सूक्ष्मता को दर्शाती है।
अब तक चयनित आवाज़ कलाकारों की सूची सार्वजनिक नहीं हुई है, लेकिन ऑडिशन समाप्त होते ही डबिंग चरण जल्द शुरू होने की उम्मीद है। यह कदम पैन‑इंडियन फिल्मों में उच्च गुणवत्ता वाली स्थानीयकरण की प्रवृत्ति को उजागर करता है, जिससे बॉक्स‑ऑफ़िस में अधिकतम पहुँच सुनिश्चित हो सके।
‘वाराणसी’, उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक शहर की पृष्ठभूमि पर आधारित, इस साल के अंत में कई भाषाओं में रिलीज़ होने की योजना है, जिससे उत्तर और दक्षिण भारतीय दर्शकों दोनों को आकर्षित किया जा सके।
यह व्यापक ऑडिशन फिल्म के संवादों को विभिन्न क्षेत्रों में प्रामाणिक रूप से प्रस्तुत करने के उद्देश्य से किया जा रहा है, खासकर दोनों ही सितारों की लोकप्रियता को देखते हुए। उद्योग के अंदरूनी लोगों का कहना है कि भारतीय सिनेमा में इतनी बड़ी आवाज़‑सैंपलिंग प्रक्रिया दुर्लभ है और यह राजामौली की ध्वनि‑डिज़ाइन में सूक्ष्मता को दर्शाती है।
अब तक चयनित आवाज़ कलाकारों की सूची सार्वजनिक नहीं हुई है, लेकिन ऑडिशन समाप्त होते ही डबिंग चरण जल्द शुरू होने की उम्मीद है। यह कदम पैन‑इंडियन फिल्मों में उच्च गुणवत्ता वाली स्थानीयकरण की प्रवृत्ति को उजागर करता है, जिससे बॉक्स‑ऑफ़िस में अधिकतम पहुँच सुनिश्चित हो सके।
‘वाराणसी’, उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक शहर की पृष्ठभूमि पर आधारित, इस साल के अंत में कई भाषाओं में रिलीज़ होने की योजना है, जिससे उत्तर और दक्षिण भारतीय दर्शकों दोनों को आकर्षित किया जा सके।