📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Arjuncm3
मनोरंजन
दक्षिण भारतीय फिल्म सितारों को राष्ट्रीय ब्रांड मूल्य से मिल रही कठिनाई
✍️ livemint.com
🗓 24 अग. 2026, 05:38 AM
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दक्षिण भारत के प्रमुख कलाकारों की लोकप्रियता क्षेत्रीय है, पर राष्ट्रीय ब्रांड सौदों में उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
दक्षिण भारतीय सिनेमा का तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और केरल में विशाल प्रशंसक वर्ग है, फिर भी उसके प्रमुख कलाकार राष्ट्रीय स्तर पर ब्रांड मूल्य हासिल करने में कठिनाई महसूस कर रहे हैं। जबकि उनके फ़िल्में स्थानीय बॉक्स‑ऑफ़िस में लगातार हिट होती हैं, राष्ट्रीय विज्ञापनदाता ऐसे चेहरों को प्राथमिकता देते हैं जो हिंदी‑भाषी क्षेत्रों में भी समान रूप से पहचान बनाते हों।
विशेषज्ञों का मानना है कि भाषा और सांस्कृतिक अंतर मुख्य बाधा बनते हैं; कई ब्रांड मुंबई में स्थित विज्ञापन एजेंसियों के कारण दक्षिणी सितारों को राष्ट्रीय अभियानों में कम जगह देते हैं।
विश्लेषकों का सुझाव है कि बहुभाषी प्रचार और राष्ट्रीय मीडिया हाउसों के साथ सहयोग से इस अंतर को पाटा जा सकता है। तब तक दक्षिणी सितारों की लोकप्रियता मुख्यतः अपने गृह राज्यों तक सीमित रह सकती है, जिससे उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर उच्च एन्डोर्समेंट फीस मिलने में बाधा आती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भाषा और सांस्कृतिक अंतर मुख्य बाधा बनते हैं; कई ब्रांड मुंबई में स्थित विज्ञापन एजेंसियों के कारण दक्षिणी सितारों को राष्ट्रीय अभियानों में कम जगह देते हैं।
विश्लेषकों का सुझाव है कि बहुभाषी प्रचार और राष्ट्रीय मीडिया हाउसों के साथ सहयोग से इस अंतर को पाटा जा सकता है। तब तक दक्षिणी सितारों की लोकप्रियता मुख्यतः अपने गृह राज्यों तक सीमित रह सकती है, जिससे उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर उच्च एन्डोर्समेंट फीस मिलने में बाधा आती है।