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17 अग. 2026
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संगीत 'सारे जहाँ से अच्छा' और 'वन्दे मातरम्' आज भी स्वतंत्रता दिवस की भावना को परिभाषित करते हैं
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Unknown authorUnknown author
मनोरंजन

संगीत 'सारे जहाँ से अच्छा' और 'वन्दे मातरम्' आज भी स्वतंत्रता दिवस की भावना को परिभाषित करते हैं

✍️ NDTV Profit 🗓 16 अग. 2026, 02:48 AM 👁 6
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NDTV Profit ने बताया कि 'सारे जहाँ से अच्छा' और 'वन्दे मातरम्' जैसे गीत आज भी स्वतंत्रता दिवस की परंपराओं में अहम भूमिका निभाते हैं।

NDTV Profit की नवीनतम रिपोर्ट स्वतंत्रता दिवस के उत्सवों में दो प्रतिष्ठित गीतों की स्थायी भूमिका पर प्रकाश डालती है।

'सारे जहाँ से अच्छा', जिसे रवींद्रनाथ टैगोर ने रचा, 1947 के पहले जश्न में बजाया गया और तब से यह विद्यालयों और सार्वजनिक कार्यक्रमों में एक प्रमुख गीत बन गया है।

'वन्दे मातरम्', बैंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के उपन्यास आनंदमाथ से उत्पन्न, राष्ट्रीय गान के रूप में अपनाया गया और परेड, ध्वजारोहण समारोह और टेलीविजन प्रसारण में नियमित रूप से गाया जाता है।

लेख में बताया गया है कि दोनों गीत आज भी सभी आयु वर्ग के नागरिकों में देशभक्ति की भावना जगाते हैं और राष्ट्र की स्वतंत्रता संग्राम की सामूहिक स्मृति को सुदृढ़ करते हैं।
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