📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Asbchoudhary9
शिक्षा
राजस्थान के मेडिकल कॉलेजों में एक हफ्ते में छह रैगिंग शिकायतें, एनएमसी व यूडीएफ ने जांच की मांग
✍️ The Times of India
🗓 18 अक्टू. 2026, 09:46 AM
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राजस्थान के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में एक हफ्ते में छह रैगिंग शिकायतें दर्ज हुईं, जिससे राष्ट्रीय मेडिकल आयोग और यूडीएफ ने जांच की मांग की है।
राजस्थान के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में एक हफ्ते के भीतर छह रैगिंग शिकायतें दर्ज हुईं, जिससे छात्रों और शिक्षकों में चिंता बढ़ गई है।
राष्ट्रीय मेडिकल आयोग (एनएमसी) और यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) ने इन घटनाओं की पूरी जांच की मांग की है। दोनों संगठनों ने राज्य स्वास्थ्य विभाग और संबंधित कॉलेज प्रशासन से सहयोग करने का आग्रह किया है।
रैगिंग को भारतीय दंड संहिता और राष्ट्रीय एंटी-रैगिंग अधिनियम के तहत आपराधिक अपराध माना गया है। पहले भी दोहराए जाने वाले अपराधियों को निलंबन, निष्कासन या कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। इस नई शिकायतों की लहर से त्वरित अनुशासनात्मक कार्रवाई और संभावित कानूनी जांच की उम्मीद है।
कॉलेज प्रशासन को निर्दिष्ट समय सीमा के भीतर इन आरोपों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। छात्रों को भी एनएमसी द्वारा स्थापित आधिकारिक शिकायत निवारण तंत्र के माध्यम से आगे की घटनाओं की रिपोर्ट करने के लिए कहा गया है।
राष्ट्रीय मेडिकल आयोग (एनएमसी) और यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) ने इन घटनाओं की पूरी जांच की मांग की है। दोनों संगठनों ने राज्य स्वास्थ्य विभाग और संबंधित कॉलेज प्रशासन से सहयोग करने का आग्रह किया है।
रैगिंग को भारतीय दंड संहिता और राष्ट्रीय एंटी-रैगिंग अधिनियम के तहत आपराधिक अपराध माना गया है। पहले भी दोहराए जाने वाले अपराधियों को निलंबन, निष्कासन या कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। इस नई शिकायतों की लहर से त्वरित अनुशासनात्मक कार्रवाई और संभावित कानूनी जांच की उम्मीद है।
कॉलेज प्रशासन को निर्दिष्ट समय सीमा के भीतर इन आरोपों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। छात्रों को भी एनएमसी द्वारा स्थापित आधिकारिक शिकायत निवारण तंत्र के माध्यम से आगे की घटनाओं की रिपोर्ट करने के लिए कहा गया है।