📷 चित्र स्रोत: Flickr (CC)
शिक्षा
MP के सरकारी स्कूल में सातवीं के छात्र की हरकत से छह छात्राओं को पीना पड़ा पेशाब
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 19 अग. 2026, 11:47 PM
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घटावदा, मध्य प्रदेश के एक सरकारी स्कूल में सातवीं के छात्र की हरकत के बाद छह छात्राओं को पेशाब पीना पड़ा, जिससे स्कूल प्रबंधन पर सवाल उठे।
मध्य प्रदेश के घटावदा में स्थित एक सरकारी स्कूल में सातवीं कक्षा के एक छात्र की हरकत के बाद छह छात्राओं को टॉयलेट से निकला पेशाब पीने को मजबूर किया गया, जिससे स्कूल में उथल‑पुथल मच गई।
रिपोर्टों के अनुसार, लड़के के अनुचित व्यवहार के बाद छात्राओं को इस तरह की सजा या दबाव दिया गया, जबकि आधिकारिक बयान में इस घटना के विस्तृत कारण नहीं बताए गए। स्कूल के प्राचार्य ने जब पूछा गया तो कहा कि "अगर मुंह खराब हो गया तो टॉफी खा लो," जिससे व्यापक निंदा हुई।
स्कूल प्रशासन ने अभी तक इस घटना पर कोई औपचारिक स्पष्टीकरण नहीं दिया है, पर प्राचार्य की टिप्पणी ने जिला शिक्षा अधिकारियों को जांच शुरू करने का दबाव बनाया है। प्रभावित छात्राओं के अभिभावकों ने इस कार्रवाई को निंदनीय कहा और तुरंत कार्रवाई तथा परामर्श की मांग की है।
मध्य प्रदेश शिक्षा विभाग ने बताया कि वह इस मामले की जांच करेगा ताकि यह तय किया जा सके कि कर्मचारियों या छात्रों के खिलाफ कोई आपराधिक या अनुशासनात्मक कदम उठाया जाना चाहिए या नहीं। यह घटना सरकारी स्कूलों में छात्र सुरक्षा और अनुशासनात्मक प्रथाओं पर चल रही चिंताओं को उजागर करती है।
जांच के परिणाम और स्कूल व अधिकारियों की प्रतिक्रिया के बारे में आगे की जानकारी मिलते ही अपडेट दिया जाएगा।
रिपोर्टों के अनुसार, लड़के के अनुचित व्यवहार के बाद छात्राओं को इस तरह की सजा या दबाव दिया गया, जबकि आधिकारिक बयान में इस घटना के विस्तृत कारण नहीं बताए गए। स्कूल के प्राचार्य ने जब पूछा गया तो कहा कि "अगर मुंह खराब हो गया तो टॉफी खा लो," जिससे व्यापक निंदा हुई।
स्कूल प्रशासन ने अभी तक इस घटना पर कोई औपचारिक स्पष्टीकरण नहीं दिया है, पर प्राचार्य की टिप्पणी ने जिला शिक्षा अधिकारियों को जांच शुरू करने का दबाव बनाया है। प्रभावित छात्राओं के अभिभावकों ने इस कार्रवाई को निंदनीय कहा और तुरंत कार्रवाई तथा परामर्श की मांग की है।
मध्य प्रदेश शिक्षा विभाग ने बताया कि वह इस मामले की जांच करेगा ताकि यह तय किया जा सके कि कर्मचारियों या छात्रों के खिलाफ कोई आपराधिक या अनुशासनात्मक कदम उठाया जाना चाहिए या नहीं। यह घटना सरकारी स्कूलों में छात्र सुरक्षा और अनुशासनात्मक प्रथाओं पर चल रही चिंताओं को उजागर करती है।
जांच के परिणाम और स्कूल व अधिकारियों की प्रतिक्रिया के बारे में आगे की जानकारी मिलते ही अपडेट दिया जाएगा।