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मनोरंजन
सिक्किम कला एवं साहित्य महोत्सव का दूसरा दिन: कहानी कहने, प्रकाशन और संरक्षण पर चर्चा
✍️ Sikkimexpress
🗓 30 अक्टू. 2026, 01:50 PM
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सिक्किम कला एवं साहित्य महोत्सव के दूसरे दिन कहानी कहने, प्रकाशन और संरक्षण पर चर्चा हुई, जिसमें लेखकों, प्रकाशकों और पर्यावरणविदों ने मिलकर कार्यशालाएँ और संवाद आयोजित किये।
सिक्किम कला एवं साहित्य महोत्सव का दूसरा दिन कहानी कहने, प्रकाशन और संरक्षण पर केंद्रित रहा। कार्यक्रम में कथानक की कला, पुस्तक प्रकाशन के व्यापार और साहित्य के माध्यम से पर्यावरण जागरूकता पर चर्चा की गई। लेखकों, संपादकों और संरक्षणवादियों ने मिलकर बताया कि किस प्रकार कहानी सार्वजनिक धारणा और नीति को प्रभावित कर सकती है।
रचनात्मक लेखन और प्रकाशन के सर्वोत्तम अभ्यासों पर कार्यशालाएँ आयोजित की गईं, जिससे उभरते लेखकों और छोटे प्रकाशकों को व्यावहारिक मार्गदर्शन मिला। एक पैनल चर्चा में स्थानीय जैव विविधता को साहित्य के माध्यम से संरक्षित करने के महत्व पर प्रकाश डाला गया, जिससे महोत्सव की सांस्कृतिक और पारिस्थितिक स्थिरता के प्रति प्रतिबद्धता स्पष्ट हुई।
दिन का समापन एक नेटवर्किंग कार्यक्रम के साथ हुआ, जहाँ उपस्थित लोगों ने उद्योग के पेशेवरों से मुलाकात की और संभावित सहयोगों पर चर्चा की। आयोजकों ने बताया कि महोत्सव का उद्देश्य सिक्किम में एक समृद्ध साहित्यिक समुदाय को बढ़ावा देना और कहानी कहने की शक्ति के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण को प्रोत्साहित करना है।
रचनात्मक लेखन और प्रकाशन के सर्वोत्तम अभ्यासों पर कार्यशालाएँ आयोजित की गईं, जिससे उभरते लेखकों और छोटे प्रकाशकों को व्यावहारिक मार्गदर्शन मिला। एक पैनल चर्चा में स्थानीय जैव विविधता को साहित्य के माध्यम से संरक्षित करने के महत्व पर प्रकाश डाला गया, जिससे महोत्सव की सांस्कृतिक और पारिस्थितिक स्थिरता के प्रति प्रतिबद्धता स्पष्ट हुई।
दिन का समापन एक नेटवर्किंग कार्यक्रम के साथ हुआ, जहाँ उपस्थित लोगों ने उद्योग के पेशेवरों से मुलाकात की और संभावित सहयोगों पर चर्चा की। आयोजकों ने बताया कि महोत्सव का उद्देश्य सिक्किम में एक समृद्ध साहित्यिक समुदाय को बढ़ावा देना और कहानी कहने की शक्ति के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण को प्रोत्साहित करना है।