धर्म
शरद पूर्णिमा पर बालाजी मंदिर में 51 किलो खीर का भोग ।
भीलवाड़ा में सीताराम जी की बावड़ी के पास स्थित श्री संकट मोचन बालाजी मंदिर में शरद पूर्णिमा पर श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ खीर प्रसाद महोत्सव मनाया गया। बालाजी महाराज को 51 किलो खीर का भोग लगाकर श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरित किया गया।
श्री संकट मोचन बालाजी मंदिर में श्रद्धा के साथ मनाया गया खीर प्रसाद महोत्सव
कुमार प्रवीण सेन | राजस्थान धरा न्यूज़ | भीलवाड़ा, राजस्थान।
भीलवाड़ा। सीताराम जी की बावड़ी के पास स्थित श्री संकट मोचन बालाजी मंदिर में शरद पूर्णिमा के पावन अवसर पर खीर प्रसाद महोत्सव श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ मनाया गया।
कार्यक्रम के तहत सर्वप्रथम श्री बालाजी महाराज की आरती की गई। इसके बाद भगवान को 51 किलो खीर का भोग अर्पित किया गया तथा श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शरद पूर्णिमा की रात्रि में खीर का भोग लगाने और प्रसाद ग्रहण करने का विशेष महत्व माना जाता है। इसी परंपरा के अनुरूप मंदिर में इस महोत्सव का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने बालाजी महाराज के दर्शन कर प्रसाद ग्रहण किया और सुख-समृद्धि की कामना की।
इस आयोजन से मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर हो गया। शरद पूर्णिमा का यह पर्व श्रद्धा, भक्ति और धार्मिक परंपराओं के प्रति आस्था का प्रतीक बना।
कुमार प्रवीण सेन | राजस्थान धरा न्यूज़ | भीलवाड़ा, राजस्थान।
भीलवाड़ा। सीताराम जी की बावड़ी के पास स्थित श्री संकट मोचन बालाजी मंदिर में शरद पूर्णिमा के पावन अवसर पर खीर प्रसाद महोत्सव श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ मनाया गया।
कार्यक्रम के तहत सर्वप्रथम श्री बालाजी महाराज की आरती की गई। इसके बाद भगवान को 51 किलो खीर का भोग अर्पित किया गया तथा श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शरद पूर्णिमा की रात्रि में खीर का भोग लगाने और प्रसाद ग्रहण करने का विशेष महत्व माना जाता है। इसी परंपरा के अनुरूप मंदिर में इस महोत्सव का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने बालाजी महाराज के दर्शन कर प्रसाद ग्रहण किया और सुख-समृद्धि की कामना की।
इस आयोजन से मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर हो गया। शरद पूर्णिमा का यह पर्व श्रद्धा, भक्ति और धार्मिक परंपराओं के प्रति आस्था का प्रतीक बना।