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19 Oct 2026•
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श्रीरामलीला मंचन के सप्तम दिन मुख्य अतिथि भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष नवाब सिंह नागर,समिति के उपमुख्य संरक्षक मनोज अग्रवाल जी मौजूद रहे।

✍️ Reporter: Rajesh Mandal 🗓 18 Oct 2026, 08:30 AM 👁 22
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Rajesh mandal

श्रीराम मित्र मंडल नोएडा रामलीला समिति के चेयरमैन उमाशंकर गर्ग,अध्यक्ष धर्मपाल गोयल एवं महासचिव डॉ॰मुन्ना कुमार शर्मा द्वारा मुख्य अतिथियों को स्मृति चिन्ह प्रदान कर और अंगवस्त्र ओढ़ाकर स्वागत किया गया।
उधर भगवान श्रीराम भ्राता लक्ष्मण व सीता के साथ पंचवटी में पहुंचते हैं ,जहां पर वह पर्ण कुटी बनाकर रहने लगते हैं।वहां पर रावण की बहन सूर्पणखा आती है।वह कामातुर होकर राम व लक्ष्मण से विवाह के लिए कहती हैं।उनके मना करने पर वह भयंकर रूप धारण कर लेती है।क्रोध में लक्ष्मण जी उसके नाक-कान काट लेते हैं यह सब सुनकर खर, दूषण आये और उन्होंने राम व लक्ष्मण के साथ भयंकर युद्ध किया,जिसमें भगवान श्रीराम ने उनको मारकर अपने परम धाम पहुंचा दिया।रावण दरबार में सुर्पणखा विलापकरती हुई पहुंचती हैं।रावण ने सुर्पणखा की दशा देखकर उससे पूछा कि उसका नाक किसने काटा।सुर्पणखा ने कहा कि राम लक्ष्मण दशरथ के पुत्र हैं।राम के छोटे भाई लक्ष्मण ने मेरे नाक काटा है और उन्होंने खरदूषण का भी वध कर दिया।रावण सोचता है खर दूषण को मारने वाला कोई साधारण मनुष्य नहीं हो सकता ,निश्चित ही कोई अवतार है।रावण मारीच के पास जाता है और राम से बदला लेने के लिए कपट मृग बनने को कहता है।मारीच सोने का मृग बनकर पंचवटी से निकलता है तो सीता राम जी से उस स्वर्ण मृग की खाल लाने को कहती हैं।राम जी उसके पीछे जाते हैं और उस स्वर्णमृग को एक बाण से मार देते हैं।मारीच मरते समय,हे लक्ष्मण! हे लक्ष्मण! पुकारता है।उधर मौका देखकर रावण साधु का वेश रखकर जबरदस्ती सीता को पुष्पक विमान में बैठा कर आकाश मार्ग से जाता है।जटायु रावण पर हमला कर देते हैं इसके बाद लंकेश जटायु के पंख तलवार से काट देता है।इधर राम लक्ष्मण पंचवटी पहुंचते हैं वहां पर सीता को न पाकर दुःखी होकर ढूंढने लगते हैं।रास्ते में घायल गिद्ध राज जटायु मिलते हैं वह सारा वृतांत बताते हैं और भगवान की गोद में अपने प्राण त्याग देते हैं।उसके बाद भगवान सबरी के आश्रम पहुंचते हैं जहां पर प्रेम भक्ति में सबरी के झूठे बेर खाते हैं।श्रीराम ने कबन्‍ध का भी उद्धार किया था,जिन्‍होंने उन्‍हें वानरराज सुग्रीव से मित्रता करने का सुझाव दिया था।सुग्रीव का निवास-स्‍थल खोजते हुए राम-लक्ष्‍मण जब ऋष्यमूक पर्वत के पास पहुंचे तो उन्‍हें देखकर वानरदल को उन पर संदेह हुआ।तब उन्होंने हनुमान से आग्रह किया कि पता लगाया जाए कि वे दोनों दिव्य पुरुष कौन हैं तब हनुमान ने साधु का रूप धारण कर राम और लक्ष्मण से मुलाकात की।सुग्रीव से मित्रता होती है और सुग्रीव बाली की दुष्टता के बारे में बताता है। सुग्रीव और बाली का युद्ध होता हैं और भगवान राम बाली का वध कर देते हैं।इस प्रकार प्रभु श्रीराम बाली को अपने परम धाम पहुंचा देते हैं।समिति के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सतनारायण गोयल एवं बजरंगलाल गुप्ता ने बताया कि 18 अक्टूबर को सीता खोज,सीता दर्शन,लंका दहन,विभीषण शरणागति,सेतु स्थापना,आदि प्रसंगों का मंचन किया जायेगा।इस अवसर पर समिति के कार्यकारी अध्यक्ष राजकुमार गर्ग,कोषाध्यक्ष राजेन्द्र गर्ग,सलाहकार मनोज शर्मा,सह-कोषाध्यक्ष अनिल गोयल,वरिष्ठ उपाध्यक्ष सतनारायण गोयल,चौधरी रविन्द्र सिंह,तरुणराज,पवन गोयल,मुकेश गोयल,बजरंग लाल गुप्ता,एस एम गुप्ता,अजीत चाहर,गौरव मेहरोत्रा,मुकेश अग्रवाल,अनंत वर्मा,मीडिया प्रभारी मुकेश गुप्ता,गिरिराज बहेडिया,चक्रपाणि गोयल,राजेश माथुर,भानुप्रताप सिंह,मनीष गोयल,साहिल चौधरी,नवीन पोरवाल,दयाशंकर तिवारी,दिनेश मित्तल,अर्जुन अरोड़ा,बाबूराम शर्मा,आरके उप्रेती,रामकुमार शर्मा,बीके राय,मनीष चौहान,नरेंद्र आर्य,अर्जुन प्रजापति सहित श्रीराम मित्र मंडल नोएडा रामलीला समिति के सदस्यगण व शहर के हजारों गणमान्य व्यक्ति उपस्तिथ रहे।
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