🔥 TRENDING શહીદી યંગ કમિટી દ્વારા ગીર સોમનાથના ઘા... મોસ્કોમાં ભારત-રશિયા મુલાકાત: જયશંકરે... Bad Karaoke: Official Trailer Unveiled Sadhguru Announces Animated Film on Sh... Ever After: Official Trailer Released... Maharashtra Makes Marathi Mandatory fo...
24 Aug 2026
ગુજરાતી मराठी ਪੰਜਾਬੀ বাংলা
Politics

शिक्षक हित के लिए शिक्षक प्रतिनिधियों कि भागदारी जरूरी

✍️ Reporter: Awanish Kumar 🗓 23 Aug 2026, 02:10 PM 👁 14
Watch on: ▶️ YouTube
Share: 💬 WhatsApp 📘 Facebook 𝕏 Post

शिक्षक हित के निर्णय मेंशिक्षकप्रतिनिधि कि भागदारी जरूरी संवाद से ही निकलेगाही निकलेगा स्थायी समाधान

शिक्षक हित के निर्णयों में शिक्षकप्रतिनिधियों की भागीदारी स्थायी समाधानयी समाधान : डॉ. दिव्या ज्योति
पटना, 22 अगस्त 2026।
पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की एमएलसी प्रत्याशी डॉ. दिव्या ज्योति ने कहा कि बिहार की शिक्षा व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय बंद कमरों में नहीं, बल्कि शिक्षक प्रतिनिधियों के साथ नियमित एवं सार्थक संवाद के माध्यम से लिए जाने चाहिए।
उन्होंने कहा कि वेतन, अनुदान, स्थानांतरण, पदोन्नति, OPS, पेंशन, सेवा-सुरक्षा एवं विद्यालयों की आधारभूत सुविधाओं जैसे विषयों पर निर्णय लेने से पहले शिक्षक प्रतिनिधियों की राय और जमीनी अनुभव को नीति-निर्माण का महत्वपूर्ण आधार बनाया जाना चाहिए।
डॉ. दिव्या ज्योति की प्रमुख मांगें
शिक्षक प्रतिनिधियों के साथ नियमित त्रैमासिक संवाद की व्यवस्था हो।
शिक्षक संगठनों के सुझावों के लिए स्थायी संवाद तंत्र बनाया जाए।
वेतन, पदोन्नति, स्थानांतरण एवं पेंशन जैसे विषयों पर निर्णय से पहले विमर्श हो।
वित्तरहित शिक्षकों के लिए विशेष संवाद एवं समाधान तंत्र विकसित किया जाए।
शिक्षक समस्याओं पर समयबद्ध कार्रवाई और जवाबदेही सुनिश्चित हो।
शिक्षा नीति से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णयों में शिक्षक प्रतिनिधियों की प्रभावी भागीदारी हो।
डॉ. दिव्या ज्योति ने कहा—
“शिक्षकों की आवाज सुने बिना शिक्षक हित की नीति अधूरी है। मेरा संकल्प है कि शिक्षक समाज की आवाज़ को मजबूती से विधान परिषद तक पहुँचाऊँ और सरकार तथा शिक्षकों के बीच एक प्रभावी संवाद सेतु बनूँ।”
उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल नीति लागू करने वाले नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था की जमीनी वास्तविकताओं के सबसे महत्वपूर्ण साक्षी हैं। उनके अनुभव और सुझावों को नीति-निर्माण में उचित स्थान मिलना चाहिए।
हमारा स्पष्ट संकल्प
संवाद होगा—समाधान होगा।
शिक्षक की आवाज़ सुनी जाएगी—शिक्षक का सम्मान बढ़ेगा।
शिक्षक मजबूत होगा—बिहार की शिक्षा व्यवस्था मजबूत होगी।
अब केवल संवाद का वादा नहीं—नियमित, संस्थागत और जवाबदेह संवाद की व्यवस्था जरूरी है।

डॉ. दिव्या ज्योति
एमएलसी प्रत्याशी, पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र
📲Get App