📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / SpeakingArch
स्वास्थ्य
शहडोल में 870 ग्राम प्रीमैच्योर बच्ची को एसएनसीयू में मिला जीवनदान, 58 दिन बाद घर लौटी
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 13 अक्टू. 2026, 05:31 PM
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शहडोल जिला अस्पताल के एसएनसीयू में 870 ग्राम की प्रीमैच्योर बच्ची को 58 दिनों तक उपचार के बाद 1.7 किलो तक वजन बढ़ाकर घर भेजा गया।
शहडोल जिला अस्पताल के एसएनसीयू ने 870 ग्राम वजन वाली प्रीमैच्योर बच्ची का 58 दिन तक इलाज किया, जो क्षेत्र में नवजात शिशुओं के लिए एक रिकॉर्ड लंबा इलाज है।
चिकित्सक टीम ने शिशु के महत्वपूर्ण संकेतों पर कड़ी निगरानी रखी, श्वसन सहायता और विशेष पोषण प्रदान किया, जिससे वजन में लगातार वृद्धि हुई।
जब बच्चे का वजन 1.7 किलो तक पहुँच गया, डॉक्टरों ने उसे स्थिर माना और घर भेज दिया, साथ ही फॉलो‑अप देखभाल के निर्देश भी दिए।
इस मामले ने स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों की प्रशंसा पाई, जिन्होंने ग्रामीण मध्य प्रदेश में नवजात देखभाल सुविधाओं के महत्व और टीम की समर्पण पर प्रकाश डाला।
चिकित्सक टीम ने शिशु के महत्वपूर्ण संकेतों पर कड़ी निगरानी रखी, श्वसन सहायता और विशेष पोषण प्रदान किया, जिससे वजन में लगातार वृद्धि हुई।
जब बच्चे का वजन 1.7 किलो तक पहुँच गया, डॉक्टरों ने उसे स्थिर माना और घर भेज दिया, साथ ही फॉलो‑अप देखभाल के निर्देश भी दिए।
इस मामले ने स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों की प्रशंसा पाई, जिन्होंने ग्रामीण मध्य प्रदेश में नवजात देखभाल सुविधाओं के महत्व और टीम की समर्पण पर प्रकाश डाला।