📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / KISHORETRIBALS
मौसम
अरुणाचल के तवांग में सात जोखिमभरे ग्लेशियल झीलें पहचानी गई, नीचे के गांवों को चेतावनी
✍️ India Today NE
🗓 23 सित. 2026, 09:37 AM
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तवांग जिले में सात ग्लेशियल झीलों को उच्च जोखिम वाली बताया गया, जिससे नीचे के गाँवों को चेतावनी जारी की गई।
अरुणाचल प्रदेश के तवांग जिले में स्थित सात ग्लेशियल झीलों को अचानक जलभांड फटने का उच्च जोखिम बताया गया है। हिमनदों के पिघलने से बनती इन झीलों में जल स्तर तेज़ी से बढ़ रहा है, जिससे आपदा प्रबंधन विभाग को चिंता है।
इन झीलों के नीचे कई बस्तियों, जैसे लुमला, जांग आदि, स्थित हैं। नीचे के गांवों को विशेष सतर्कता में रखा गया है और संभावित निकासी के लिए तैयार रहने की सलाह दी गई है।
स्थानीय आपदा प्रतिक्रिया टीम ने जल स्तर की निरंतर निगरानी शुरू कर दी है और मोबाइल संदेश व सायरन के माध्यम से शीघ्र चेतावनी प्रणाली स्थापित की है। समुदाय के नेताओं को सुरक्षा उपायों की जानकारी दी जा रही है और आपातकालीन शेल्टर तैयार किए जा रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि पूर्वी हिमालय में जलवायु परिवर्तन के कारण ग्लेशियल पिघलाव बढ़ रहा है, जिससे ऐसे जोखिमपूर्ण झीलों की संख्या में वृद्धि हो रही है, और सतत निगरानी व बुनियादी ढांचे की मजबूती आवश्यक है।
इन झीलों के नीचे कई बस्तियों, जैसे लुमला, जांग आदि, स्थित हैं। नीचे के गांवों को विशेष सतर्कता में रखा गया है और संभावित निकासी के लिए तैयार रहने की सलाह दी गई है।
स्थानीय आपदा प्रतिक्रिया टीम ने जल स्तर की निरंतर निगरानी शुरू कर दी है और मोबाइल संदेश व सायरन के माध्यम से शीघ्र चेतावनी प्रणाली स्थापित की है। समुदाय के नेताओं को सुरक्षा उपायों की जानकारी दी जा रही है और आपातकालीन शेल्टर तैयार किए जा रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि पूर्वी हिमालय में जलवायु परिवर्तन के कारण ग्लेशियल पिघलाव बढ़ रहा है, जिससे ऐसे जोखिमपूर्ण झीलों की संख्या में वृद्धि हो रही है, और सतत निगरानी व बुनियादी ढांचे की मजबूती आवश्यक है।