📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / SDASM Archives
बिज़नेस
सितंबर में जीएसटी संग्रह में 14.7% की बढ़ोतरी, ट्रेडरों ने एक साल की दर कटौती का जश्न मनाया
✍️ bhaskarenglish.in
🗓 02 अक्टू. 2026, 06:17 AM
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सितंबर में जीएसटी संग्रह 14.7% बढ़कर ₹2.03 लाख करोड़ से अधिक हो गया, जो दर कटौती के एक साल बाद बढ़ी हुई अनुपालन को दर्शाता है। ट्रेडरों ने इस उछाल को व्यापार में पुनरुज्जीवन का संकेत माना।
गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स नेटवर्क (GSTN) ने बताया कि सितंबर में जीएसटी संग्रह ₹2.03 लाख करोड़ से अधिक हो गया, जो पिछले महीने से 14.7% की बढ़ोतरी दर्शाता है। यह उछाल सरकार द्वारा एक साल पहले लागू की गई दर कटौती के बाद निरंतर बढ़ते रुझान का परिणाम है।
विश्लेषकों का मानना है कि व्यापक कर आधार, बेहतर फाइलिंग अनुपालन और उपभोक्ता मांग में धीरे‑धीरे सुधार ने इस वृद्धि को संभव बनाया है। उच्च संग्रह से राजकोषीय घाटा घटाने में मदद मिली और केंद्र को अतिरिक्त तरलता मिली।
मुख्य बाजारों में ट्रेडरों ने इस विकास को सकारात्मक बताया, कहे कि जीएसटी में निरंतर बढ़ोतरी व्यवसायियों के बीच विश्वास का संकेत है, खासकर एक साल की दर कटौती के बाद। उन्होंने कहा कि कम दरों से नकदी प्रवाह बेहतर हुआ और कारोबार में वृद्धि हुई।
वित्त मंत्रालय इस डेटा की समीक्षा करके अगले वित्तीय वर्ष की कर नीति तय करेगा, पर वर्तमान आंकड़े दर्शाते हैं कि दर‑कट रणनीति ने राजस्व में वास्तविक बढ़ोतरी की है, बिना विकास को नुकसान पहुँचाए।
कुल मिलाकर, सितंबर का जीएसटी प्रदर्शन 2023‑24 के कर सुधारों की प्रभावशीलता को उजागर करता है और आने वाले तिमाहियों के लिए बेहतर राजकोषीय दृष्टिकोण का संकेत देता है।
विश्लेषकों का मानना है कि व्यापक कर आधार, बेहतर फाइलिंग अनुपालन और उपभोक्ता मांग में धीरे‑धीरे सुधार ने इस वृद्धि को संभव बनाया है। उच्च संग्रह से राजकोषीय घाटा घटाने में मदद मिली और केंद्र को अतिरिक्त तरलता मिली।
मुख्य बाजारों में ट्रेडरों ने इस विकास को सकारात्मक बताया, कहे कि जीएसटी में निरंतर बढ़ोतरी व्यवसायियों के बीच विश्वास का संकेत है, खासकर एक साल की दर कटौती के बाद। उन्होंने कहा कि कम दरों से नकदी प्रवाह बेहतर हुआ और कारोबार में वृद्धि हुई।
वित्त मंत्रालय इस डेटा की समीक्षा करके अगले वित्तीय वर्ष की कर नीति तय करेगा, पर वर्तमान आंकड़े दर्शाते हैं कि दर‑कट रणनीति ने राजस्व में वास्तविक बढ़ोतरी की है, बिना विकास को नुकसान पहुँचाए।
कुल मिलाकर, सितंबर का जीएसटी प्रदर्शन 2023‑24 के कर सुधारों की प्रभावशीलता को उजागर करता है और आने वाले तिमाहियों के लिए बेहतर राजकोषीय दृष्टिकोण का संकेत देता है।