📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Unknown photographer
अपराध
अमृतसर के भंडारी पुल की दीवार से अलगाववादी नारे हटाए, पुलिस ने शुरू की जांच
✍️ Amar Ujala · Amritsar
🗓 26 सित. 2026, 03:15 PM
👁 11
अमृतसर के व्यस्त भंडारी पुल की दीवार पर लिखे गए खालिस्तान समर्थक नारे काली स्याही से हटाए गए, पुलिस ने जांच शुरू की।
पंजाब पुलिस को अमृतसर के व्यस्त भंडारी पुल की दीवार पर खालिस्तान समर्थक नारे, जिसमें गुरपतवंत सिंह पन्नू का उल्लेख भी था, लिखे हुए मिलने की सूचना मिली। अधिकारी मौके पर पहुंचे, ग्राफिटी की तस्वीरें लीं और काली स्याही से लिखे शब्दों को मिटा दिया, जिससे पुल का सामान्य रूप पुनः स्थापित हो गया। यह कार्य शहर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की देखरेख में किया गया।
इन नारे को भारतीय दंड संहिता के उन प्रावधानों के तहत अवैध माना गया जो घृणा भाषण और अलगाववादी विचारों को उकसाते हैं। स्थानीय अधिकारियों ने इस घटना की जांच शुरू कर दी है और फोरेंसिक टीम को पेंट के नमूने तथा पास के कैमरों की सीसीटीवी फुटेज एकत्र करने का आदेश दिया गया है।
पुलिस प्रवक्ता ने कहा कि जांच का मुख्य उद्देश्य इस कार्य के पीछे के व्यक्तियों की पहचान करना और यह देखना है कि क्या यह किसी बड़े समन्वित अभियान का हिस्सा है। यदि दोषी पाए जाते हैं तो उन्हें तोड़‑फोड़ से लेकर राजद्रोह तक के आरोपों के तहत दंडित किया जा सकता है। यह घटना सार्वजनिक स्थानों में अलगाववादी प्रचार को रोकने के लिए कानून प्रवर्तन एजेंसियों की सतर्कता को दर्शाती है।
इन नारे को भारतीय दंड संहिता के उन प्रावधानों के तहत अवैध माना गया जो घृणा भाषण और अलगाववादी विचारों को उकसाते हैं। स्थानीय अधिकारियों ने इस घटना की जांच शुरू कर दी है और फोरेंसिक टीम को पेंट के नमूने तथा पास के कैमरों की सीसीटीवी फुटेज एकत्र करने का आदेश दिया गया है।
पुलिस प्रवक्ता ने कहा कि जांच का मुख्य उद्देश्य इस कार्य के पीछे के व्यक्तियों की पहचान करना और यह देखना है कि क्या यह किसी बड़े समन्वित अभियान का हिस्सा है। यदि दोषी पाए जाते हैं तो उन्हें तोड़‑फोड़ से लेकर राजद्रोह तक के आरोपों के तहत दंडित किया जा सकता है। यह घटना सार्वजनिक स्थानों में अलगाववादी प्रचार को रोकने के लिए कानून प्रवर्तन एजेंसियों की सतर्कता को दर्शाती है।