📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Rishabh Tatiraju
अपराध
वकील उज्ज्वल निक्कम ने इंदौर कार्यक्रम में 1993 मुंबई बम ब्लास्ट में संजय दत्त की चुप्पी को बताया कारण
✍️ Amar Ujala · Indore
🗓 15 अक्टू. 2026, 10:01 PM
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इंदौर में सार्थक संस्था के कार्यक्रम में वरिष्ठ वकील उज्ज्वल निक्कम ने 1993 मुंबई बम ब्लास्ट में संजय दत्त की चुप्पी को कारण बताया, जिससे मामले की चर्चा फिर से तेज हुई।
वरिष्ठ वकील उज्ज्वल निक्कम ने इंदौर में सार्थक संस्था के कार्यक्रम में भाग लेकर कई प्रमुख मामलों के अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने 1993 के मुंबई बम ब्लास्ट, अभिनेता संजय दत्त के हथियारों के मामलों और 26/11 के आतंकवादी हमले का उल्लेख किया।
निक्कम ने कहा कि यदि संजय दत्त ने उस समय हथियारों के भंडार की जानकारी पुलिस को दे दी होती, तो 1993 का बम विस्फोट संभवतः नहीं होता। उनका तर्क है कि इस जानकारी की कमी ने विस्फोट की तीव्रता को बढ़ा दिया, जिससे कई लोगों की जान गई।
यह बयान राज्यसभा सदस्य और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में दिया गया, जिससे संजय दत्त के मामले पर फिर से चर्चा छिड़ गई। इस समय तक अभिनेता या पुलिस विभाग की कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली।
निक्कम ने कोई नया दस्तावेज़ी प्रमाण नहीं दिखाया, पर उन्होंने जांच प्रक्रिया में हुई चूकों को उजागर किया, जिन्हें उन्होंने इस त्रासदी के कारण माना। यह टिप्पणी भारत के आपराधिक न्याय प्रणाली में जवाबदेही के मुद्दे को फिर से सामने लाती है।
कार्यक्रम समाप्त होने के बाद आगे की कोई टिप्पणी नहीं की गई, पर मीडिया निक्कम के बयानों के प्रभावों पर आगे रिपोर्ट करने की संभावना रखता है।
निक्कम ने कहा कि यदि संजय दत्त ने उस समय हथियारों के भंडार की जानकारी पुलिस को दे दी होती, तो 1993 का बम विस्फोट संभवतः नहीं होता। उनका तर्क है कि इस जानकारी की कमी ने विस्फोट की तीव्रता को बढ़ा दिया, जिससे कई लोगों की जान गई।
यह बयान राज्यसभा सदस्य और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में दिया गया, जिससे संजय दत्त के मामले पर फिर से चर्चा छिड़ गई। इस समय तक अभिनेता या पुलिस विभाग की कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली।
निक्कम ने कोई नया दस्तावेज़ी प्रमाण नहीं दिखाया, पर उन्होंने जांच प्रक्रिया में हुई चूकों को उजागर किया, जिन्हें उन्होंने इस त्रासदी के कारण माना। यह टिप्पणी भारत के आपराधिक न्याय प्रणाली में जवाबदेही के मुद्दे को फिर से सामने लाती है।
कार्यक्रम समाप्त होने के बाद आगे की कोई टिप्पणी नहीं की गई, पर मीडिया निक्कम के बयानों के प्रभावों पर आगे रिपोर्ट करने की संभावना रखता है।