📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Girrish.8001
राजनीति
दिवाली से पहले यूपी में वरिष्ठ भाजपा नेताओं का पादयात्रा अभियान
✍️ The Economic Times
🗓 02 नव. 2026, 01:02 AM
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भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने आगामी विधानसभा चुनावों से पहले दिवाली से पहले उत्तर प्रदेश में पादयात्रा करने की घोषणा की है, ताकि मतदाताओं को जुटाया जा सके।
नई दिल्ली, 1 नवंबर (ईटी) – भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेताओं ने उत्तर प्रदेश में दिवाली से पहले कई पादयात्राओं का आयोजन करने की योजना बताई है। यह पैदल यात्रा मतदाता वर्ग से जुड़ने और आगामी विधानसभा चुनावों से पहले पार्टी के संदेश को मजबूत करने के उद्देश्य से की जाएगी, जो 2027 की शुरुआत में निर्धारित हैं।
पार्टी के अधिकारियों ने कहा कि पादयात्रा लखनऊ, वाराणसी, आगरा जैसे प्रमुख जिलों में आयोजित की जाएगी, जहाँ नेता प्रतिदिन कई किलोमीटर चलकर स्थानीय लोगों से मिलेंगे, उनके मुद्दों को सुनेंगे और विकास कार्यों को उजागर करेंगे। यह कार्यक्रम स्थानीय पार्टी इकाइयों के साथ समन्वयित किया जा रहा है ताकि त्योहारी मौसम से पहले अधिकतम जनसमर्थन हासिल किया जा सके।
विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह की जमीनी गतिविधियाँ भाजपा के लिए उत्तर प्रदेश जैसे राजनैतिक रूप से महत्वपूर्ण राज्य में अपना मतदाता आधार मजबूत करने की पारंपरिक रणनीति रही है। पादयात्रा का समय दिवाली के निकट होने के कारण सार्वजनिक सभाओं और त्योहारी माहौल का लाभ उठाने की संभावना को दर्शाता है।
यह घोषणा नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान की गई, जहाँ वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि पादयात्रा शांति‑पूर्ण होगी और सभी सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया जाएगा। राज्य पुलिस को सूचित किया गया है और यात्राओं के सुगम संचालन के लिए आवश्यक सहायता प्रदान की जाएगी।
जैसे ही उत्तर प्रदेश तीव्र चुनावी माहौल की ओर बढ़ रहा है, भाजपा की पादयात्रा पहल पूर्व-चुनाव प्रचार में एक नया आयाम जोड़ती है, जो राज्य में अपनी पकड़ बनाए रखने की पार्टी की इच्छा को दर्शाती है।
पार्टी के अधिकारियों ने कहा कि पादयात्रा लखनऊ, वाराणसी, आगरा जैसे प्रमुख जिलों में आयोजित की जाएगी, जहाँ नेता प्रतिदिन कई किलोमीटर चलकर स्थानीय लोगों से मिलेंगे, उनके मुद्दों को सुनेंगे और विकास कार्यों को उजागर करेंगे। यह कार्यक्रम स्थानीय पार्टी इकाइयों के साथ समन्वयित किया जा रहा है ताकि त्योहारी मौसम से पहले अधिकतम जनसमर्थन हासिल किया जा सके।
विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह की जमीनी गतिविधियाँ भाजपा के लिए उत्तर प्रदेश जैसे राजनैतिक रूप से महत्वपूर्ण राज्य में अपना मतदाता आधार मजबूत करने की पारंपरिक रणनीति रही है। पादयात्रा का समय दिवाली के निकट होने के कारण सार्वजनिक सभाओं और त्योहारी माहौल का लाभ उठाने की संभावना को दर्शाता है।
यह घोषणा नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान की गई, जहाँ वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि पादयात्रा शांति‑पूर्ण होगी और सभी सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया जाएगा। राज्य पुलिस को सूचित किया गया है और यात्राओं के सुगम संचालन के लिए आवश्यक सहायता प्रदान की जाएगी।
जैसे ही उत्तर प्रदेश तीव्र चुनावी माहौल की ओर बढ़ रहा है, भाजपा की पादयात्रा पहल पूर्व-चुनाव प्रचार में एक नया आयाम जोड़ती है, जो राज्य में अपनी पकड़ बनाए रखने की पार्टी की इच्छा को दर्शाती है।