📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Shikhar king
धर्म
सीहोर का चिंतामन गणेश मंदिर: उल्टा स्वास्तिक बनाकर मांगते हैं मन्नत
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 14 सित. 2026, 06:15 PM
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सीहोर के प्राचीन चिंतामन गणेश मंदिर में भक्त उल्टा स्वास्तिक बनाकर मन्नत मांगते हैं। मन्नत पूरी होने पर वे सीधा स्वास्तिक बनाते हैं।
सीहोर के प्राचीन चिंतामन गणेश मंदिर में एक अनूठी रस्म है, जो पूरे क्षेत्र से भक्तों को आकर्षित करती है। पूजा से पहले, भक्त उल्टा स्वास्तिक बनाते हैं, जो भगवान गणेश से मन्नत माँगने का प्रतीक है।
उल्टा स्वास्तिक को अनपूरी इच्छा का प्रतीक माना जाता है। जब मन्नत पूरी हो जाती है, तो भक्त इसे सीधा स्वास्तिक से बदल देते हैं, जिससे दैवीय अनुग्रह की पूर्ति का संकेत मिलता है।
मंदिर के प्रबंधन ने बताया है कि विशेष रूप से गणेश उत्सव के दौरान, जो बारह दिनों तक चलता है, भक्तों की भीड़ बढ़ जाती है। हर दिन विशेष श्रृंगार और महा आरती के साथ उल्टा स्वास्तिक से सीधा स्वास्तिक की परिवर्तनशीलता को देखने के लिए लोग आते हैं।
स्थानीय पुरोहितों का कहना है कि यह रस्म प्राचीन परंपराओं में निहित है, जहाँ उल्टा स्वास्तिक प्रारम्भिक लालसा को दर्शाता है और सीधा स्वास्तिक उसकी पूर्ति को। यह प्रथा मंदिर की आध्यात्मिक पहचान का एक प्रमुख हिस्सा बन गई है।
भक्त अक्सर इस अनुभव के साथ लौटते हैं, उल्टा स्वास्तिक की याद को लेकर, जो उनकी प्रार्थना का प्रतीक था, और सीधा स्वास्तिक, जो उनकी कृतज्ञता का प्रतीक है।
उल्टा स्वास्तिक को अनपूरी इच्छा का प्रतीक माना जाता है। जब मन्नत पूरी हो जाती है, तो भक्त इसे सीधा स्वास्तिक से बदल देते हैं, जिससे दैवीय अनुग्रह की पूर्ति का संकेत मिलता है।
मंदिर के प्रबंधन ने बताया है कि विशेष रूप से गणेश उत्सव के दौरान, जो बारह दिनों तक चलता है, भक्तों की भीड़ बढ़ जाती है। हर दिन विशेष श्रृंगार और महा आरती के साथ उल्टा स्वास्तिक से सीधा स्वास्तिक की परिवर्तनशीलता को देखने के लिए लोग आते हैं।
स्थानीय पुरोहितों का कहना है कि यह रस्म प्राचीन परंपराओं में निहित है, जहाँ उल्टा स्वास्तिक प्रारम्भिक लालसा को दर्शाता है और सीधा स्वास्तिक उसकी पूर्ति को। यह प्रथा मंदिर की आध्यात्मिक पहचान का एक प्रमुख हिस्सा बन गई है।
भक्त अक्सर इस अनुभव के साथ लौटते हैं, उल्टा स्वास्तिक की याद को लेकर, जो उनकी प्रार्थना का प्रतीक था, और सीधा स्वास्तिक, जो उनकी कृतज्ञता का प्रतीक है।