📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Samedeutz
राजनीति
एसडीएफ ने सोरेंग जिले में SIR सुनवाई के परिणामों की स्वतंत्र जाँच का अनुरोध किया
✍️ Sikkimexpress
🗓 01 अग. 2026, 02:36 AM
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सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट ने सोरेंग जिले में हुई SIR सुनवाई के परिणामों की स्वतंत्र जाँच का अनुरोध किया, पारदर्शिता और जवाबदेही की माँग करते हुए।
सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट (एसडीएफ) ने सोरेंग जिले में आयोजित SIR सुनवाई के परिणामों की स्वतंत्र जाँच का औपचारिक अनुरोध किया है।
SIR सुनवाई, जो स्थानीय शिकायतों को निपटाने के लिए आयोजित की गई थी, में प्रक्रियागत अनियमितताओं के आरोपों के बाद इसकी वैधता पर सवाल उठे हैं। एसडीएफ का मानना है कि एक निष्पक्ष मूल्यांकन आवश्यक है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि निष्कर्ष विश्वसनीय हैं और सभी पक्षों के अधिकारों का सम्मान किया गया है।
स्वतंत्र ऑडिट की माँग करके, एसडीएफ का उद्देश्य स्थानीय प्रशासनिक प्रक्रियाओं में सार्वजनिक विश्वास को मजबूत करना और सुनवाई के परिणामों के किसी भी संभावित दुरुपयोग को रोकना है।
यह मांग सिक्किम में विपक्षी पार्टियों के व्यापक प्रयास का हिस्सा है, जो राज्य शासन में पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए काम कर रहे हैं। एसडीएफ ने राज्य अधिकारियों से आग्रह किया है कि वे एक तटस्थ पैनल नियुक्त करें जो सुनवाई के रिकॉर्ड की जाँच करे और निर्धारित समय सीमा के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करे।
राज्य सरकार ने अभी तक इस अनुरोध पर प्रतिक्रिया नहीं दी है, और समीक्षा प्रक्रिया के अगले कदमों की घोषणा की जानी बाकी है।
SIR सुनवाई, जो स्थानीय शिकायतों को निपटाने के लिए आयोजित की गई थी, में प्रक्रियागत अनियमितताओं के आरोपों के बाद इसकी वैधता पर सवाल उठे हैं। एसडीएफ का मानना है कि एक निष्पक्ष मूल्यांकन आवश्यक है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि निष्कर्ष विश्वसनीय हैं और सभी पक्षों के अधिकारों का सम्मान किया गया है।
स्वतंत्र ऑडिट की माँग करके, एसडीएफ का उद्देश्य स्थानीय प्रशासनिक प्रक्रियाओं में सार्वजनिक विश्वास को मजबूत करना और सुनवाई के परिणामों के किसी भी संभावित दुरुपयोग को रोकना है।
यह मांग सिक्किम में विपक्षी पार्टियों के व्यापक प्रयास का हिस्सा है, जो राज्य शासन में पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए काम कर रहे हैं। एसडीएफ ने राज्य अधिकारियों से आग्रह किया है कि वे एक तटस्थ पैनल नियुक्त करें जो सुनवाई के रिकॉर्ड की जाँच करे और निर्धारित समय सीमा के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करे।
राज्य सरकार ने अभी तक इस अनुरोध पर प्रतिक्रिया नहीं दी है, और समीक्षा प्रक्रिया के अगले कदमों की घोषणा की जानी बाकी है।