📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Tisha Mukherjee
राजनीति
‘India’s Forests, Real and Imagined’: भारतीय जंगलों का साहित्य‑राजनीति में तीन हज़ार सालों का सफ़र
✍️ Scroll.in
🗓 23 अग. 2026, 09:39 AM
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Scroll.in ने एक विशेष लेख प्रकाशित किया जिसमें तीन हज़ार वर्षों में भारतीय जंगलों को साहित्यिक‑राजनीतिक प्रतीकों के रूप में दर्शाया गया है।
Scroll.in ने “India’s Forests, Real and Imagined” शीर्षक से एक विशेष लेख प्रकाशित किया, जिसमें तीन हज़ार वर्षों में भारतीय जंगलों को साहित्य और राजनीति में कैसे दर्शाया गया, इसका विश्लेषण किया गया है। लेख वैदिक स्तोत्रों, महाभारत, मध्यकालीन कविताओं से लेकर उपनिवेशकालीन यात्राओं और आज के पर्यावरणीय बहसों तक के उल्लेखों को जोड़ता है, जो जंगलों को पवित्र, विवादित और प्रतीकात्मक स्थान के रूप में प्रस्तुत करते हैं। यह दर्शाता है कि इन कथाओं ने नीतियों, भूमि‑अधिकार संघर्षों और सार्वजनिक धारणाओं को आकार दिया, पौराणिक श्रद्धा को वर्तमान संरक्षण चुनौतियों से जोड़ते हुए। लेख में संस्कृत ग्रंथों, उपनिवेशकालीन मानचित्रों और समकालीन कार्यकर्ताओं की लेखनी के अंश शामिल हैं, जो प्रतिनिधित्व में निरंतरता और परिवर्तन को उजागर करते हैं। सांस्कृतिक अर्थों को उजागर करके, यह विश्लेषण नीति निर्माताओं से आग्रह करता है कि भारत की वन‑शासन रणनीतियों में साहित्यिक‑राजनीतिक इतिहास को भी ध्यान में रखें।