📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Kazakhstan Prime Minister Office
विदेश
इंसाफ़ाबाद समन्वय बैठक में एससीओ सदस्यों ने कनेक्टिविटी व व्यापार पर चर्चा की
✍️ indiatoday.in
🗓 01 अक्टू. 2026, 08:17 AM
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शंघाई सहयोग संगठन के प्रतिनिधियों ने इंसाफ़ाबाद में मिलकर क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और व्यापार सहयोग को सुदृढ़ करने पर चर्चा की।
शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) ने इंसाफ़ाबाद में समन्वय बैठक आयोजित की, जिसमें सदस्य देशों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। इस बैठक का मुख्य फोकस क्षेत्रीय भौतिक और डिजिटल कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करना था, तथा मौजूदा परिवहन मार्गों और संभावित नई राहों की समीक्षा की गई।
सदस्यों ने व्यापार संबंधों को विस्तारित करने के उपायों पर भी चर्चा की, जिसमें कस्टम प्रक्रियाओं को सरल बनाना और छोटे व मध्यम उद्यमों के लिए बाजार पहुंच बढ़ाना शामिल था। बुनियादी ढांचे के विकास को माल और लोगों की सुगम आवाजाही के प्रमुख कारक के रूप में देखा गया।
हालांकि इस बैठक में कोई औपचारिक समझौता नहीं हुआ, लेकिन यह सदस्य देशों की आर्थिक एकीकरण को गहरा करने और व्यापार में बाधा डालने वाले लॉजिस्टिक मुद्दों को हल करने की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
इंसाफ़ाबाद को दक्षिण और मध्य एशिया में बहुपक्षीय वार्तालापों के लिए एक कूटनीतिक केंद्र के रूप में उभरते देखे जा रहा है, जो एससीओ के विविध अर्थव्यवस्थाओं के बीच सहयोग को बढ़ावा देता है।
विश्लेषकों का मानना है कि इस बैठक के परिणाम भविष्य में नीति पहल को दिशा दे सकते हैं, जिससे दक्षिण एशियाई बाजारों को मध्य एशियाई व्यापार मार्गों से जोड़ा जा सके और सदस्य देशों की विकास संभावनाओं को सुदृढ़ किया जा सके।
सदस्यों ने व्यापार संबंधों को विस्तारित करने के उपायों पर भी चर्चा की, जिसमें कस्टम प्रक्रियाओं को सरल बनाना और छोटे व मध्यम उद्यमों के लिए बाजार पहुंच बढ़ाना शामिल था। बुनियादी ढांचे के विकास को माल और लोगों की सुगम आवाजाही के प्रमुख कारक के रूप में देखा गया।
हालांकि इस बैठक में कोई औपचारिक समझौता नहीं हुआ, लेकिन यह सदस्य देशों की आर्थिक एकीकरण को गहरा करने और व्यापार में बाधा डालने वाले लॉजिस्टिक मुद्दों को हल करने की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
इंसाफ़ाबाद को दक्षिण और मध्य एशिया में बहुपक्षीय वार्तालापों के लिए एक कूटनीतिक केंद्र के रूप में उभरते देखे जा रहा है, जो एससीओ के विविध अर्थव्यवस्थाओं के बीच सहयोग को बढ़ावा देता है।
विश्लेषकों का मानना है कि इस बैठक के परिणाम भविष्य में नीति पहल को दिशा दे सकते हैं, जिससे दक्षिण एशियाई बाजारों को मध्य एशियाई व्यापार मार्गों से जोड़ा जा सके और सदस्य देशों की विकास संभावनाओं को सुदृढ़ किया जा सके।