📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Subhashish Panigrahi
नौकरी
सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा की महिला को इंडियन ऑयल में नौकरी से लिंग के आधार पर इनकार करने का फैसला सुनाया
✍️ ThePrint
🗓 21 सित. 2026, 01:50 AM
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सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया कि हरियाणा की महिला को केवल लिंग के आधार पर इंडियन ऑयल में नौकरी से इनकार किया गया था, जिससे 36 साल चली कानूनी लड़ाई समाप्त हो गई।
हरियाणा की एक महिला ने अदालत में आरोप लगाया कि इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन ने उसे केवल इसलिए नौकरी नहीं दी क्योंकि वह महिला है। उसने दावा किया कि यह असंवैधानिक है और संविधान द्वारा प्रदत्त समान अवसर के अधिकार का उल्लंघन है।
इस मामले को तीन और आधे दशक तक विभिन्न न्यायिक मंचों में लड़ा गया, जहाँ निचली अदालतों के फैसले विरोधाभासी रहे और लिंग की भूमिका को लेकर स्पष्टता नहीं बनी।
साक्ष्य और पक्षों की दलीलों का अवलोकन करने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने निष्कर्ष निकाला कि महिला को केवल उसके लिंग के कारण नौकरी से इनकार किया गया था, जिससे पहले के विरोधी फैसलों को overturn कर दिया गया।
इस निर्णय से सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में लिंग‑तटस्थ भर्ती के सिद्धांत की पुष्टि होती है और समानता के मानकों का पालन सुनिश्चित करने के लिए सुधारात्मक कदम उठाने की आवश्यकता पर बल दिया गया है।
इस मामले को तीन और आधे दशक तक विभिन्न न्यायिक मंचों में लड़ा गया, जहाँ निचली अदालतों के फैसले विरोधाभासी रहे और लिंग की भूमिका को लेकर स्पष्टता नहीं बनी।
साक्ष्य और पक्षों की दलीलों का अवलोकन करने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने निष्कर्ष निकाला कि महिला को केवल उसके लिंग के कारण नौकरी से इनकार किया गया था, जिससे पहले के विरोधी फैसलों को overturn कर दिया गया।
इस निर्णय से सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में लिंग‑तटस्थ भर्ती के सिद्धांत की पुष्टि होती है और समानता के मानकों का पालन सुनिश्चित करने के लिए सुधारात्मक कदम उठाने की आवश्यकता पर बल दिया गया है।