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31 अक्टू. 2026•
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सुप्रीम कोर्ट: रिश्ता खराब होने पर सहमति से हुई अंतरंगता रेप नहीं
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Diliff
देश

सुप्रीम कोर्ट: रिश्ता खराब होने पर सहमति से हुई अंतरंगता रेप नहीं

✍️ The Economic Times 🗓 31 अक्टू. 2026, 06:24 AM 👁 19
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भारत के सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि सहमति के आधार पर बनाए गए रिश्ते में हुई शारीरिक अंतरंगता को, भले ही रिश्ता बाद में खराब हो जाए, कानूनी रूप से रेप नहीं माना जा सकता।

भारत के सुप्रीम कोर्ट ने सहमति के आधार पर बनाए गए रिश्तों में रेप की परिभाषा के संबंध में एक महत्वपूर्ण कानूनी स्पष्टीकरण जारी किया है। अदालत ने निर्णय दिया कि यदि दोनों पक्षों की सहमति से शारीरिक अंतरंगता हुई है, तो केवल इसलिए कि रिश्ता बाद में खराब हो गया या समाप्त हो गया, उसे रेप के रूप में नहीं माना जा सकता।

यह निर्णय एक सामान्य कानूनी अस्पष्टता को दूर करने के लिए है, जहाँ अक्सर बाद के विवादों में पिछली सहमति वाली घटनाओं को असहमति के प्रमाण के रूप में पेश किया जाता है। कोर्ट ने तर्क दिया कि उस समय मौजूद सहमति ही निर्णायक कारक है, और रिश्ते का बाद में टूटना उस सहमति को पीछे की ओर से रद्द नहीं करता है।

यह फैसला न्यायपालिका और कानून प्रवर्तन एजेंसियों को स्पष्टता प्रदान करने के लिए है, ताकि भावनात्मक तनाव या रिश्ते के बाद के संघर्षों के आधार पर आपराधिक आरोप लगाए न जाएं। इससे यह सिद्धांत मजबूत होता है कि आपसी सहमति इस तरह के मामलों में कानूनी सुरक्षा की नींव है।

कानून विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय वास्तविक यौन उत्पीड़न के मामलों और टूटे रिश्तों से उत्पन्न होने वाले निजी विवादों के बीच अंतर करने में मदद करेगा, जिससे निजी मामलों में आपराधिक कानून के दुरुपयोग को रोका जा सकेगा।
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