*संत कँवर राम मण्डल सेवा संस्था ब्यावर संत कँवर राम जयंती का 60वाँ वार्षिक उस्तव
*संत कँवर राम मण्डल सेवा संस्था ब्यावर संत कँवर राम जयंती का 60वाँ वार्षिक उस्तव
*संत कंवरराम मण्डल सेवा संस्था, ब्यावर*
*सन्त कॅवरराम जयन्ति का 60 वाँ वार्षिक उत्सव*
ब्यावर 11 नवम्बर 2026 संत कंवरराम मंडल सेवा संस्था, धर्मशाला, चांगगेट, ब्यावर के अध्यक्ष पुरुषौत्तम उत्तमचन्दानी के बताया कि अमर शहीद सन्त कंवरराम साहिब का 60 वां वार्षिक उत्सव आज बड़े हषौल्लास व धार्मिक भावना से ओतप्रोत देवस्नान व दीप प्रज्जवलन तथा प्रसाद वितरण से उत्सव का शुभारम्भ हुआ।
इस अवसर पर स्थानीय एच०एल० पैलेस, चांग चितार रोड में प्रातः 10 बजे से सिन्धु सेवा समिति (महिला विंग) ब्यावर की अध्यक्ष श्रीमती रितु देवानी के निर्देशन में सांस्कृतिक कार्यक्रम हुआ जिसमें आयोजकों द्वारा संत कंवरराम की जीवनी, सोनिया छत्तानी द्वारा गीत "सुखिया हुजे दिंह नाना", रेश्मा पुरसवानी द्वारा निर्देशित - "कोसा कुवरअ खणी हलीयो", "राजी आ संत कंवरराम राजी आ", योगिता जारानी द्वारा- "कंवरराम संत आ अवतारी", मीनाक्षी छत्तानी द्वारा 'हिकड़ों ही आ भगवान मुहिजों", लता रंगनानी और लता पुरस्वामी द्वारा भी भजनों की प्रस्तुति दी। संत कंवरराम साहिब अपनी मधुर वाणी और भजनों के माध्यम अखण्ड भारत के जनमानस को भक्ति और आध्यात्मिकता से जोड़ते थे। वे अखंड भारत सिंध क्षेत्र के प्रसिद्ध सूफी संत थे। एक नवम्बर 1939 को ट्रेन यात्रा के समय उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, उनकी शहादत का स्मरण करते हुए सिंधी समाज प्रतिवर्ष उनकी बरसी मनाता है।
उत्सव के संयोजक दयालदास टिलवानी ने बताया कि सांस्कृतिक कार्यक्रम के पश्चात् आम भण्डारें के आयोजन के उपरान्त सायं 5 बजे से 8 बजे तक संत्संग आदरणीय संत श्री श्यामदयाल सुपुत्र श्री ऋषि रामदयाल जी किशनगढ़ वालों द्वारा संगीतमय प्रवचन व भजनों के द्वारा अपनी प्रस्तुति दी जिसमें सभी श्रद्वालु आत्मविभोर होकर भक्तिमय संगीत में डूब कर आनन्दित हो गये। समाज के सर्वश्री हरिकिशन तिलोकानी व श्री लक्ष्मणदास गुरनानी, मुरली तिलोकानी ने अपने-अपने विचार रखे। इस अवसर पर संत कंवरराम मण्डल द्वारा बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए सभी भाग लेने वाले बच्चों को पुरस्कारों से नवाजा गया। इस अवसर पर सभी ने घरों में दीप प्रज्ज्वलन व भजन आरती करके देश की उन्नति खुशियाली की कामना की। मण्डल अध्यक्ष पुरुषोत्तम उत्तमचंदानी ने आभार व धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का संचालन रितु देवानी ने किया।
इस अवसर पर सचिव हरिकिशन वासवानी, तमाकीमल सामतानी, शंकर जुरानी, राजेश गिदवानी, सुन्दर वासवानी, चन्द्र केसवानी, डॉ० नरेन्द्र आनन्दानी, नरेन्द्र भोजवानी, बाबूमल गंगवानी, मुरली तिलोकानी, सुरेश देवानी, लक्ष्मणदास हरवानी, अशोक गुरबानी, नरेन्द्र जेसवानी, रमेश छत्तानी, दयाल आसवानी, महेश पारवानी, जय गुलाबानी, महेन्द्र लोकवानी, अशोक खत्री, मनोहर डेटानी, जय आसवानी, सुनील आसवानी, किशन लालवानी, वासुदेव गुरनानी, विनीता आसवानी, सोनिया चेलानी, कल्पना रामचन्दानी, मुस्कान, रश्मि भोजवानी, मानसी तिलोकानी, रेखा चन्दवानी, रेश्मा भाटिया, पूजा आसवानी, पदमा मूलानी, रेणु जुरानी, शालिनी गंगवानी, दीक्षा आनन्दानी, भावना लोकवानी, भावना लालवानी, सपना मंघनानी, वीना चेलानी आदि उपस्थित थे।
*सन्त कॅवरराम जयन्ति का 60 वाँ वार्षिक उत्सव*
ब्यावर 11 नवम्बर 2026 संत कंवरराम मंडल सेवा संस्था, धर्मशाला, चांगगेट, ब्यावर के अध्यक्ष पुरुषौत्तम उत्तमचन्दानी के बताया कि अमर शहीद सन्त कंवरराम साहिब का 60 वां वार्षिक उत्सव आज बड़े हषौल्लास व धार्मिक भावना से ओतप्रोत देवस्नान व दीप प्रज्जवलन तथा प्रसाद वितरण से उत्सव का शुभारम्भ हुआ।
इस अवसर पर स्थानीय एच०एल० पैलेस, चांग चितार रोड में प्रातः 10 बजे से सिन्धु सेवा समिति (महिला विंग) ब्यावर की अध्यक्ष श्रीमती रितु देवानी के निर्देशन में सांस्कृतिक कार्यक्रम हुआ जिसमें आयोजकों द्वारा संत कंवरराम की जीवनी, सोनिया छत्तानी द्वारा गीत "सुखिया हुजे दिंह नाना", रेश्मा पुरसवानी द्वारा निर्देशित - "कोसा कुवरअ खणी हलीयो", "राजी आ संत कंवरराम राजी आ", योगिता जारानी द्वारा- "कंवरराम संत आ अवतारी", मीनाक्षी छत्तानी द्वारा 'हिकड़ों ही आ भगवान मुहिजों", लता रंगनानी और लता पुरस्वामी द्वारा भी भजनों की प्रस्तुति दी। संत कंवरराम साहिब अपनी मधुर वाणी और भजनों के माध्यम अखण्ड भारत के जनमानस को भक्ति और आध्यात्मिकता से जोड़ते थे। वे अखंड भारत सिंध क्षेत्र के प्रसिद्ध सूफी संत थे। एक नवम्बर 1939 को ट्रेन यात्रा के समय उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, उनकी शहादत का स्मरण करते हुए सिंधी समाज प्रतिवर्ष उनकी बरसी मनाता है।
उत्सव के संयोजक दयालदास टिलवानी ने बताया कि सांस्कृतिक कार्यक्रम के पश्चात् आम भण्डारें के आयोजन के उपरान्त सायं 5 बजे से 8 बजे तक संत्संग आदरणीय संत श्री श्यामदयाल सुपुत्र श्री ऋषि रामदयाल जी किशनगढ़ वालों द्वारा संगीतमय प्रवचन व भजनों के द्वारा अपनी प्रस्तुति दी जिसमें सभी श्रद्वालु आत्मविभोर होकर भक्तिमय संगीत में डूब कर आनन्दित हो गये। समाज के सर्वश्री हरिकिशन तिलोकानी व श्री लक्ष्मणदास गुरनानी, मुरली तिलोकानी ने अपने-अपने विचार रखे। इस अवसर पर संत कंवरराम मण्डल द्वारा बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए सभी भाग लेने वाले बच्चों को पुरस्कारों से नवाजा गया। इस अवसर पर सभी ने घरों में दीप प्रज्ज्वलन व भजन आरती करके देश की उन्नति खुशियाली की कामना की। मण्डल अध्यक्ष पुरुषोत्तम उत्तमचंदानी ने आभार व धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का संचालन रितु देवानी ने किया।
इस अवसर पर सचिव हरिकिशन वासवानी, तमाकीमल सामतानी, शंकर जुरानी, राजेश गिदवानी, सुन्दर वासवानी, चन्द्र केसवानी, डॉ० नरेन्द्र आनन्दानी, नरेन्द्र भोजवानी, बाबूमल गंगवानी, मुरली तिलोकानी, सुरेश देवानी, लक्ष्मणदास हरवानी, अशोक गुरबानी, नरेन्द्र जेसवानी, रमेश छत्तानी, दयाल आसवानी, महेश पारवानी, जय गुलाबानी, महेन्द्र लोकवानी, अशोक खत्री, मनोहर डेटानी, जय आसवानी, सुनील आसवानी, किशन लालवानी, वासुदेव गुरनानी, विनीता आसवानी, सोनिया चेलानी, कल्पना रामचन्दानी, मुस्कान, रश्मि भोजवानी, मानसी तिलोकानी, रेखा चन्दवानी, रेश्मा भाटिया, पूजा आसवानी, पदमा मूलानी, रेणु जुरानी, शालिनी गंगवानी, दीक्षा आनन्दानी, भावना लोकवानी, भावना लालवानी, सपना मंघनानी, वीना चेलानी आदि उपस्थित थे।