संस्था ने महाराजा भर्तृहरि के सामाजिक सहिष्णुता के संदेश को किया चरितार्थ
*संस्था ने महाराजा भर्तृहरि के सामाजिक सहिष्णुता के संदेश को किया चरितार्थ*
खैरथल हीरालाल भूरानी
पारसी शैली आधारित एकमात्र संस्था श्री राजर्षि अभय समाज अलवर द्वारा महाराजा भर्तृहरि के जीवन पर आधारित नाटक महाराजा भरतरी हरी का इस वर्ष का मंचन पूर्ण हुआ।
संसद द्वारा 69 वर्षों से लगातार मारेला भरतरी नाटक का मेंटेन किया जा रहा है जिसमें संस्था अब तक 1485 बार नाटक का प्रदर्शन कर चुकी है।
संस्था के लिए ही नहीं बल्कि अलवर के साथ साथ पूरे राज्य और संपूर्ण देश के लिए यह गौरव का विषय हैं कि एक ही संस्था द्वारा एक ही स्थान पर हर वर्ष 15-16 दिनों तक प्रतिदिन एक ही नाटक को मंचित किया जाता हैं।
संस्था के लिए यह एक कीर्तिमान हैं।
महाराजा भारती हरि के सामाजिक सौहार्द के संदेश को कार्य रूप में पारित करते हुए इस वर्ष के नाटक के समापन के शुभ अवसर पर संस्था ने सामाजिकता का परिचय देते हुए कुछ चुनिंदा महानुभावों का जिन्होंने अपने कार्यों द्वारा समाज में एक अमित छाप छोड़ी है।
जिनमें शिव भक्त जोगी, पद्मश्री से सम्मानित, अलवर गौरव, प्रसिद्ध भपंग वादक पद्मश्री गफ़रूदीन मेवाती जोगी, वहीं संगीत जगत में अपने द्वारा बनाए गए 10 रागों को संगीत के सबसे बड़े ग्रन्थ थाठ महाकोष में स्वीकृत होने पर श्री चिन्मय पाराशर, चित्रकला के जन्मजात गुण, जिला प्रशासन द्वारा सम्मानित, इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में सम्मिलित एवं बालकों को प्रशिक्षण देने के लिए सुश्री मानवी शर्मा का भावभीना स्वागत सम्मान किया गया।
इस अवसर पर संस्था के अध्यक्ष सहित सभी पदाधिकारी, संरक्षक, सदस्य, कलाकार एवं स्वयंसेवक उपस्थित रहे।
नाटक के समापन पर संस्था के महामंत्री राजेंद्र शर्मा एवं महानिदेशक मनोज कुमार गोयल ने संस्था परिवार सहित उपस्थित सभी दर्शकगणों के उज्जवल भविष्य एवं उत्तम स्वास्थ्य की कामना के साथ पंच दिवसीय दीप महोत्सव की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित की।
खैरथल हीरालाल भूरानी
पारसी शैली आधारित एकमात्र संस्था श्री राजर्षि अभय समाज अलवर द्वारा महाराजा भर्तृहरि के जीवन पर आधारित नाटक महाराजा भरतरी हरी का इस वर्ष का मंचन पूर्ण हुआ।
संसद द्वारा 69 वर्षों से लगातार मारेला भरतरी नाटक का मेंटेन किया जा रहा है जिसमें संस्था अब तक 1485 बार नाटक का प्रदर्शन कर चुकी है।
संस्था के लिए ही नहीं बल्कि अलवर के साथ साथ पूरे राज्य और संपूर्ण देश के लिए यह गौरव का विषय हैं कि एक ही संस्था द्वारा एक ही स्थान पर हर वर्ष 15-16 दिनों तक प्रतिदिन एक ही नाटक को मंचित किया जाता हैं।
संस्था के लिए यह एक कीर्तिमान हैं।
महाराजा भारती हरि के सामाजिक सौहार्द के संदेश को कार्य रूप में पारित करते हुए इस वर्ष के नाटक के समापन के शुभ अवसर पर संस्था ने सामाजिकता का परिचय देते हुए कुछ चुनिंदा महानुभावों का जिन्होंने अपने कार्यों द्वारा समाज में एक अमित छाप छोड़ी है।
जिनमें शिव भक्त जोगी, पद्मश्री से सम्मानित, अलवर गौरव, प्रसिद्ध भपंग वादक पद्मश्री गफ़रूदीन मेवाती जोगी, वहीं संगीत जगत में अपने द्वारा बनाए गए 10 रागों को संगीत के सबसे बड़े ग्रन्थ थाठ महाकोष में स्वीकृत होने पर श्री चिन्मय पाराशर, चित्रकला के जन्मजात गुण, जिला प्रशासन द्वारा सम्मानित, इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में सम्मिलित एवं बालकों को प्रशिक्षण देने के लिए सुश्री मानवी शर्मा का भावभीना स्वागत सम्मान किया गया।
इस अवसर पर संस्था के अध्यक्ष सहित सभी पदाधिकारी, संरक्षक, सदस्य, कलाकार एवं स्वयंसेवक उपस्थित रहे।
नाटक के समापन पर संस्था के महामंत्री राजेंद्र शर्मा एवं महानिदेशक मनोज कुमार गोयल ने संस्था परिवार सहित उपस्थित सभी दर्शकगणों के उज्जवल भविष्य एवं उत्तम स्वास्थ्य की कामना के साथ पंच दिवसीय दीप महोत्सव की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित की।