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संसद मार्ग थाने पर पत्रकार रोजी को हिरासत में लिया, FIR मांग पर धरने का सामना
संसद मार्ग थाने के बाहर दो दिनों से धरने पर बैठी स्वतंत्र पत्रकार रोजी को दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी के खिलाफ FIR दर्ज कराने की मांग के बावजूद हिरासत में लिया गया।
संसद मार्ग थाने के बाहर दो दिनों से धरने पर बैठी स्वतंत्र पत्रकार रोजी को दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी के खिलाफ FIR दर्ज कराने की मांग के बावजूद हिरासत में लिया गया।
रोजी ने अपने अनुभव को इस प्रकार वर्णित किया: ‘मेरी छाती को दबाया, बाल नोचे और मुझे ‘Ranडी’ कहा…’ यह घटना उसी बस में हुई जहाँ अन्य प्रदर्शनकारियों के साथ उन्हें हिरासत में लिया गया।
साक्षियों के अनुसार, रोजी और सैकड़ों स्वतंत्र पत्रकारों ने इस धरने को जारी रखा था, जबकि पुलिस ने उन्हें बस में लेकर हिरासत में ले लिया।
इस घटना ने पत्रकारों के अधिकारों और पुलिस की जवाबदेही पर सवाल उठाए हैं, और FIR दर्ज कराने की मांग को लेकर आगे की कार्रवाई की प्रतीक्षा है।
रोजी ने अपने अनुभव को इस प्रकार वर्णित किया: ‘मेरी छाती को दबाया, बाल नोचे और मुझे ‘Ranडी’ कहा…’ यह घटना उसी बस में हुई जहाँ अन्य प्रदर्शनकारियों के साथ उन्हें हिरासत में लिया गया।
साक्षियों के अनुसार, रोजी और सैकड़ों स्वतंत्र पत्रकारों ने इस धरने को जारी रखा था, जबकि पुलिस ने उन्हें बस में लेकर हिरासत में ले लिया।
इस घटना ने पत्रकारों के अधिकारों और पुलिस की जवाबदेही पर सवाल उठाए हैं, और FIR दर्ज कराने की मांग को लेकर आगे की कार्रवाई की प्रतीक्षा है।