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05 Nov 2026•
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सर्पदंश होने पर झाड़ फुंक नहीं समय पर अस्पताल जरूरी
Health

सर्पदंश होने पर झाड़ फुंक नहीं समय पर अस्पताल जरूरी

✍️ Reporter: Awanish Kumar 🗓 20 Sep 2026, 04:52 PM 👁 78
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पटना एम्स में नुक्कड़ नाटक के माध्यम से सर्पदर्श होने पर अस्पताल पहुंचने का दिया संदेश

एम्स पटना से अवनीश कुमार कि रिपोर्ट

सर्पदंश में झाड़-फूंक नहीं, समयनुपर अस्पताल जरूरी- एम्स पटना ने नुक्कड़ नाटक से दिया जीवनरक्षक संदेश

पटना, 20 सितंबर 2026

सांप के काटने के बाद घबराने या झाड़-फूंक में समय गंवाने के बजाय तुरंत अस्पताल पहुंचना जरूरी है। इसी महत्वपूर्ण संदेश के साथ एम्स पटना के इमरजेंसी मेडिसिन विभाग की ओर से शनिवार को ओपीडी फोयर में सर्पदंश जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण एम्स पटना के नर्सिंग स्टाफ द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक रहा। नर्सिंग स्टाफ ने रोजमर्रा की परिस्थितियों और सरल संवादों के माध्यम से बताया कि सांप के काटने के बाद क्या करना चाहिए और किन गलतियों से बचना चाहिए।
नुक्कड़ नाटक के माध्यम से मरीजों और उनके परिजनों को समझाया गया कि सर्पदंश की स्थिति में घबराएं नहीं, मरीज को शांत रखें, अनावश्यक रूप से चलने-फिरने न दें और जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाएं। समय पर चिकित्सा सहायता मिलने से गंभीर स्थिति से बचाव में मदद मिल सकती है।
नाटक के जरिए लोगों को यह भी बताया गया कि सांप काटने के बाद घाव को काटना या चूसना, जलाना, जड़ी-बूटी या केमिकल लगाना तथा झाड़-फूंक या अन्य अप्रमाणित घरेलू उपचार में समय गंवाना नुकसानदायक हो सकता है। ऐसी कोशिशों से मरीज को अतिरिक्त नुकसान हो सकता है और इलाज में देरी हो सकती है।
कार्यक्रम में एम्स पटना के कार्यकारी निदेशक एवं सीईओ प्रो. (ब्रिगेडियर) डॉ.राजू अग्रवाल और चिकित्सा अधीक्षक डॉ प्रशांत कुमार सिंह भी उपस्थित रहे। डॉ अग्रवाल ने इमरजेंसी मेडिसिन विभाग और नर्सिंग स्टाफ के इस जागरूकता प्रयास की सराहना की। उन्होंने कहा कि सर्पदंश को हल्के में नहीं लेना चाहिए और पीड़ित को बिना समय गंवाए उचित चिकित्सा सुविधा तक पहुंचाना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान यह भी बताया गया कि सांप के काटने के तुरंत बाद गंभीर लक्षण दिखाई न देने का अर्थ यह नहीं है कि खतरा पूरी तरह टल गया है। इसलिए सर्पदंश की स्थिति में चिकित्सकीय जांच और विशेषज्ञों की सलाह जरूरी है।
ओपीडी फोयर में आयोजित नुक्कड़ नाटक ने मरीजों, परिजनों और अन्य लोगों का ध्यान आकर्षित किया। मनोरंजन और संवाद के माध्यम से दिया गया यह संदेश लोगों के लिए सहज और याद रखने योग्य रहा।
एम्स पटना की ओर से लोगों से अपील की गई कि सर्पदंश की स्थिति में घबराएं नहीं, समय बर्बाद न करें और जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचें।
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