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सारण जिला में तटबंध टूटा दर्जनों गांव में बाढ़ का पानी
सारण जिला में तटबंध टूटा दर्जनों गांव में घुसा बाढ़ का पानी।पदाधिकारीपहुचे राहत बचाव कार्य शुरू
छपरा से अवनीश कुमार कि रिपोर्ट
छपरा जिले में तट बंध टूटा दर्जनों गांव में बाढ़ का पानी घुसा।
छपरा । नेपाल में हुए भारी बारिश का असर अब सारण जिले पर भी दिखने लगा है और नेपाल से निकलने वाली गंडक नदी का जलस्तर अचानक काफी बढ़ गया है यह इस सीजन में दूसरी बार है जब सारण में गंडक नदी से बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है और इसी कड़ी में आज सारण जिले के मकेर प्रखंड के बाघा कोल और हैजलपुर में पानी के दबाव के कारण तटबंध के कट जाने से दर्जनों गांव में बाढ़ का पानी घुस गया है।
वही सारण जिला प्रशासन द्वारा राहत एवं बचाव कर शुरू कर दिया गया है। हालांकि जिला प्रशासन काफी पहले से ही बाढ़ के खतरे को देखते हुए यहां पर गठबंधन की सुरक्षा का काम शुरू कर दिया गया था जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव और वरीय पुलिस अधीक्षक रोशन कुमार के द्वारा बराबर तटबंधों का निरीक्षण किया जा रहा था।
लेकिन इसी बीच पानी के ज्यादा दबाव के कारण तट बंध में दरार पड़ गई और यह दरार धीरे-धीरे काफी बढ़ गया । इस तटबंध के टूटने से दर्जनों गांव और मवेशी जलमग्न हो चुके हैं। वही टूटे हुए तटबंध को ठीक करने का काम युद्ध स्तर पर किया जा रहा है। जिला प्रशासन के वरीय अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच चुके हैं राहत और बचाव का शुरू किया गया है।
छपरा जिले में तट बंध टूटा दर्जनों गांव में बाढ़ का पानी घुसा।
छपरा । नेपाल में हुए भारी बारिश का असर अब सारण जिले पर भी दिखने लगा है और नेपाल से निकलने वाली गंडक नदी का जलस्तर अचानक काफी बढ़ गया है यह इस सीजन में दूसरी बार है जब सारण में गंडक नदी से बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है और इसी कड़ी में आज सारण जिले के मकेर प्रखंड के बाघा कोल और हैजलपुर में पानी के दबाव के कारण तटबंध के कट जाने से दर्जनों गांव में बाढ़ का पानी घुस गया है।
वही सारण जिला प्रशासन द्वारा राहत एवं बचाव कर शुरू कर दिया गया है। हालांकि जिला प्रशासन काफी पहले से ही बाढ़ के खतरे को देखते हुए यहां पर गठबंधन की सुरक्षा का काम शुरू कर दिया गया था जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव और वरीय पुलिस अधीक्षक रोशन कुमार के द्वारा बराबर तटबंधों का निरीक्षण किया जा रहा था।
लेकिन इसी बीच पानी के ज्यादा दबाव के कारण तट बंध में दरार पड़ गई और यह दरार धीरे-धीरे काफी बढ़ गया । इस तटबंध के टूटने से दर्जनों गांव और मवेशी जलमग्न हो चुके हैं। वही टूटे हुए तटबंध को ठीक करने का काम युद्ध स्तर पर किया जा रहा है। जिला प्रशासन के वरीय अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच चुके हैं राहत और बचाव का शुरू किया गया है।