सिरे नही चढ़ पाई जल जीवन मिशन योजना
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नाचना में अटका जल जीवन मिशन का कार्य, 15 करोड़ की योजना पर ठेकेदार की सुस्ती भारी
नाचना (जैसलमेर)
केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना के तहत घर-घर नल से शुद्ध पेयजल पहुंचाने का सपना नाचना और आसपास के ग्रामीणों के लिए अब भी अधूरा बना हुआ है। जलदाय विभाग की अनदेखी और ठेकेदार की लेट-लतीफी के कारण 15 करोड़ रुपये की लागत वाली यह पेयजल परियोजना अधर में लटकी हुई है।
समय-सीमा बीती, पानी का इंतजार बरकरार
नाचना, शेखो का तला और पांचे का तला गांव को कवर करने वाली इस सामुदायिक पेयजल योजना को वर्ष 2023 में स्वीकृति मिली थी। योजना के तहत स्वीकृत 15 करोड़ रुपये के बजट से क्षेत्र में सुचारू जल आपूर्ति सुनिश्चित की जानी थी। तय समयावधि के अनुसार इस पूरे प्रोजेक्ट को नवंबर 2025 तक पूरा किया जाना था, लेकिन ठेकेदार की लापरवाही के चलते तय सीमा बीतने के बाद भी कार्य अधूरा पड़ा है।
लाखों का ढांचा तैयार, फिर भी सूखी हैं टंकियां
पानी संग्रहण और सप्लाई के लिए योजना के तहत चार ओवरहेड टैंक (उच्च जलाशय टंकियों) का निर्माण कराया जा चुका है, लेकिन ये टंकियां वर्तमान में पूरी तरह खाली पड़ी हैं। नाचना गांव में नल कनेक्शन के लिए पाइपलाइन बिछाने का 90 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। केवल 10 प्रतिशत कार्य अधूरा रहने की वजह से पूरी लाइन शुरू नहीं हो सकी है, जिसके चलते ग्रामीणों को अब तक इस योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
ठेकेदार पर कटेगी पेनल्टी, मार्च 2027 तक पूरा होगा काम
मामले को लेकर जलदाय विभाग के सहायक अभियंता कानाराम ने बताया कि ठेकेदार की सुस्ती और लेट-लतीफी के कारण प्रोजेक्ट समय पर पूरा नहीं हो सका है। नियमानुसार ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसकी पेनल्टी काटी जा रही है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि बचा हुआ कार्य अब मार्च 2027 तक पूरा कर लिया जाएगा।
फिलहाल, ग्रामीणों को अपने हक के शुद्ध पानी के लिए और इंतजार करना पड़ेगा। अधर में अटके इस काम को लेकर स्थानीय लोगों में रोष है।
नाचना (जैसलमेर)
केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना के तहत घर-घर नल से शुद्ध पेयजल पहुंचाने का सपना नाचना और आसपास के ग्रामीणों के लिए अब भी अधूरा बना हुआ है। जलदाय विभाग की अनदेखी और ठेकेदार की लेट-लतीफी के कारण 15 करोड़ रुपये की लागत वाली यह पेयजल परियोजना अधर में लटकी हुई है।
समय-सीमा बीती, पानी का इंतजार बरकरार
नाचना, शेखो का तला और पांचे का तला गांव को कवर करने वाली इस सामुदायिक पेयजल योजना को वर्ष 2023 में स्वीकृति मिली थी। योजना के तहत स्वीकृत 15 करोड़ रुपये के बजट से क्षेत्र में सुचारू जल आपूर्ति सुनिश्चित की जानी थी। तय समयावधि के अनुसार इस पूरे प्रोजेक्ट को नवंबर 2025 तक पूरा किया जाना था, लेकिन ठेकेदार की लापरवाही के चलते तय सीमा बीतने के बाद भी कार्य अधूरा पड़ा है।
लाखों का ढांचा तैयार, फिर भी सूखी हैं टंकियां
पानी संग्रहण और सप्लाई के लिए योजना के तहत चार ओवरहेड टैंक (उच्च जलाशय टंकियों) का निर्माण कराया जा चुका है, लेकिन ये टंकियां वर्तमान में पूरी तरह खाली पड़ी हैं। नाचना गांव में नल कनेक्शन के लिए पाइपलाइन बिछाने का 90 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। केवल 10 प्रतिशत कार्य अधूरा रहने की वजह से पूरी लाइन शुरू नहीं हो सकी है, जिसके चलते ग्रामीणों को अब तक इस योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
ठेकेदार पर कटेगी पेनल्टी, मार्च 2027 तक पूरा होगा काम
मामले को लेकर जलदाय विभाग के सहायक अभियंता कानाराम ने बताया कि ठेकेदार की सुस्ती और लेट-लतीफी के कारण प्रोजेक्ट समय पर पूरा नहीं हो सका है। नियमानुसार ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसकी पेनल्टी काटी जा रही है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि बचा हुआ कार्य अब मार्च 2027 तक पूरा कर लिया जाएगा।
फिलहाल, ग्रामीणों को अपने हक के शुद्ध पानी के लिए और इंतजार करना पड़ेगा। अधर में अटके इस काम को लेकर स्थानीय लोगों में रोष है।