Local
सुपौल की गुड्डी देवी ने पिता की सलामती हेतु नौ दिन व्रत रखा, पर बेटी की जान गई
सुपौल की गुड्डी देवी ने नवरात्र में पिता की सलामती के लिये नौ दिन व्रत रखा, पर लगातार भूख और पानी की मटकी से यकृत, मूत्रपिंड पर असर, अंततः मृत्यु।
सुपौल के एक परिवार की दुःखद कहानी में, गुड्डी देवी ने नवरात्र के दौरान अपने पिता की सलामती के लिये नौ दिन व्रत रखा। व्रत के दौरान उन्होंने शरीर पर पानी की मटकी रखी और लगातार भूखे रहे।
व्रत के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ गई और डॉक्टरों ने उन्हें ऐसा न करने की सलाह दी, पर उन्होंने व्रत जारी रखा। लंबे समय तक भूखे रहने से उनके यकृत और मूत्रपिंड पर गंभीर असर पड़ा।
अंततः गुड्डी देवी की मृत्यु हो गई, जबकि उनके पिता की सलामती की खबर सामने आई। यह घटना दिखाती है कि आस्था की पराकाष्ठा में भी स्वास्थ्य का महत्व नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।
भक्ति के साथ-साथ डॉक्टरों की सलाह और स्वास्थ्य का ध्यान रखना ज़रूरी है। यह दुखद घटना हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि अपनी जान जोखिम में डालना अनिवार्य नहीं है।
व्रत के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ गई और डॉक्टरों ने उन्हें ऐसा न करने की सलाह दी, पर उन्होंने व्रत जारी रखा। लंबे समय तक भूखे रहने से उनके यकृत और मूत्रपिंड पर गंभीर असर पड़ा।
अंततः गुड्डी देवी की मृत्यु हो गई, जबकि उनके पिता की सलामती की खबर सामने आई। यह घटना दिखाती है कि आस्था की पराकाष्ठा में भी स्वास्थ्य का महत्व नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।
भक्ति के साथ-साथ डॉक्टरों की सलाह और स्वास्थ्य का ध्यान रखना ज़रूरी है। यह दुखद घटना हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि अपनी जान जोखिम में डालना अनिवार्य नहीं है।