Education
सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय, उज्जैन को मिला राष्ट्रीय 'इमर्जिंग यूनिवर्सिटी ऑफ द ईयर 2026' पुरस्कार
उज्जैन स्थित सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय स्तर पर ‘द बेस्ट इमर्जिंग यूनिवर्सिटी ऑफ द ईयर 2026’ पुरस्कार से नवाज़ा गया। कुलगुरु प्रो. अर्पण भारद्वाज ने बेंगलुरु में वर्ल्ड ग्लोबल एजुकेशन एक्सीलेंस अवार्ड ग्रहण किया।
उज्जैन, 17 अक्टूबर – सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय, उज्जैन को राष्ट्रीय स्तर पर ‘द बेस्ट इमर्जिंग यूनिवर्सिटी ऑफ द ईयर 2026’ के प्रतिष्ठित पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह मान्यता विश्वविद्यालय के उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन और नवाचार के लिए दी गई।
16 अक्टूबर को बेंगलुरु के सेंचुरी क्लब के नलवाड़ी कृष्णराज वाडियार हॉल में आयोजित भव्य समारोह में कुलगुरु प्रो. अर्पण भारद्वाज ने वर्ल्ड ग्लोबल एजुकेशन एक्सीलेंस अवार्ड ग्रहण किया। यह कार्यक्रम वर्ल्ड ग्लोबल ह्यूमन राइट्स काउंसिल, नेशनल प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया और द न्यूजपेपर्स एसोसिएशन ऑफ कर्नाटक द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया गया था, जिसमें देश-विदेश के प्रमुख शिक्षाविद और राजनयिक उपस्थित रहे।
कुलसचिव डॉ. अनिल कुमार शर्मा ने बताया कि विश्वविद्यालय की सफलता का श्रेय शैक्षणिक प्रगति, शोध और नवाचारों को दिया जाता है। वर्तमान में विश्वविद्यालय में पीएम मेरु योजना के तहत 100 करोड़ रुपये की 19 अनुसंधान परियोजनाएँ, ‘ज्ञान भारतम्’ योजना के अंतर्गत 26 करोड़ रुपये की संग्रहालय जीर्णोद्धार परियोजना, IIT के सहयोग से ‘सक्षम’ (ANRF-PAIR) प्रोग्राम के तहत 13.58 करोड़ रुपये की 18 परियोजनाएँ और MSME इन्क्यूबेशन सेंटर (MIIC) के माध्यम से 80 लाख रुपये का उद्यमिता अनुदान चल रहे हैं। MP Council of Science & Technology और National Library of India के साथ भी महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट चल रहे हैं।
समारोह में कर्नाटक की पूर्व मुख्य सचिव एवं UBU-UNTU कंसोर्टियम की संस्थापक डॉ. के. रत्ना प्रभा (IAS रिटायर्ड) सहित कई वरिष्ठ शिक्षाविद उपस्थित रहे। कुलसचिव ने बताया कि विद्यार्थियों के विदेश प्रवास, अंतरराष्ट्रीय फोरम पर इनोवेशन प्रदर्शन, राष्ट्रीय प्रतियोगी परीक्षाओं और खेलों में उपलब्धियों के फलस्वरूप यह गौरव प्राप्त हुआ है। इस उपलब्धि में कार्यपरिषद सदस्य डॉ. राजेश सिंह कुशवाह, प्रो. संजय वर्मा, श्री रूपचंद पमनानी, डॉ. मंजूषा मिमरोट सहित पूरे विश्वविद्यालय परिवार का योगदान रहा है।
16 अक्टूबर को बेंगलुरु के सेंचुरी क्लब के नलवाड़ी कृष्णराज वाडियार हॉल में आयोजित भव्य समारोह में कुलगुरु प्रो. अर्पण भारद्वाज ने वर्ल्ड ग्लोबल एजुकेशन एक्सीलेंस अवार्ड ग्रहण किया। यह कार्यक्रम वर्ल्ड ग्लोबल ह्यूमन राइट्स काउंसिल, नेशनल प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया और द न्यूजपेपर्स एसोसिएशन ऑफ कर्नाटक द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया गया था, जिसमें देश-विदेश के प्रमुख शिक्षाविद और राजनयिक उपस्थित रहे।
कुलसचिव डॉ. अनिल कुमार शर्मा ने बताया कि विश्वविद्यालय की सफलता का श्रेय शैक्षणिक प्रगति, शोध और नवाचारों को दिया जाता है। वर्तमान में विश्वविद्यालय में पीएम मेरु योजना के तहत 100 करोड़ रुपये की 19 अनुसंधान परियोजनाएँ, ‘ज्ञान भारतम्’ योजना के अंतर्गत 26 करोड़ रुपये की संग्रहालय जीर्णोद्धार परियोजना, IIT के सहयोग से ‘सक्षम’ (ANRF-PAIR) प्रोग्राम के तहत 13.58 करोड़ रुपये की 18 परियोजनाएँ और MSME इन्क्यूबेशन सेंटर (MIIC) के माध्यम से 80 लाख रुपये का उद्यमिता अनुदान चल रहे हैं। MP Council of Science & Technology और National Library of India के साथ भी महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट चल रहे हैं।
समारोह में कर्नाटक की पूर्व मुख्य सचिव एवं UBU-UNTU कंसोर्टियम की संस्थापक डॉ. के. रत्ना प्रभा (IAS रिटायर्ड) सहित कई वरिष्ठ शिक्षाविद उपस्थित रहे। कुलसचिव ने बताया कि विद्यार्थियों के विदेश प्रवास, अंतरराष्ट्रीय फोरम पर इनोवेशन प्रदर्शन, राष्ट्रीय प्रतियोगी परीक्षाओं और खेलों में उपलब्धियों के फलस्वरूप यह गौरव प्राप्त हुआ है। इस उपलब्धि में कार्यपरिषद सदस्य डॉ. राजेश सिंह कुशवाह, प्रो. संजय वर्मा, श्री रूपचंद पमनानी, डॉ. मंजूषा मिमरोट सहित पूरे विश्वविद्यालय परिवार का योगदान रहा है।