📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Roger Higgins, World Telegram staff photographer
मनोरंजन
साल्वाडोर डाली का स्मृति पर विचार चर्चा को बढ़ा रहा है
✍️ The Times of India
🗓 29 अग. 2026, 06:39 AM
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द टाइम्स ऑफ इंडिया ने साल्वाडोर डाली का एक उद्धरण साझा किया, जिसमें गलत और सही यादों के अंतर की तुलना एक अनिश्चित अवधारणा से की गई है, जिससे पाठकों को स्मृति की विश्वसनीयता पर विचार करने के लिए प्रेरित किया गया।
द टाइम्स ऑफ इंडिया ने हाल ही में प्रसिद्ध स्पेनिश अतियथार्थवादी कलाकार साल्वाडोर डाली का एक उद्धरण प्रकाशित किया, जिसमें गलत और सही यादों के बीच तुलना की गई है। यह उद्धरण, यद्यपि अधूरा है, सुझाव देता है कि दोनों प्रकार की यादों के बीच अंतर एक अनिश्चित अवधारणा के समान है, जिससे पाठकों को स्मृति की प्रकृति पर विचार करने के लिए प्रेरित किया गया। डाली, जो अपने विचित्र कला और उत्तेजक विचारों के लिए जाने जाते हैं, अक्सर अपनी रचनाओं में धारणा और वास्तविकता के विषयों का अन्वेषण करते थे। इस संक्षिप्त अंश ने पाठकों और कला प्रेमियों के बीच स्मृति की विश्वसनीयता और निर्माण पर चर्चा को जन्म दिया।