Religion
सलेमपुर में मां दुर्गा की प्रतिमा का गाजे-बाजे के साथ आगमन, भक्तिमय हुआ माहौल
शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर सलेमपुर में मां दुर्गा की प्रतिमाओं के आगमन का सिलसिला जारी है। तहसील गेट की मां दुर्गा की प्रतिमा को रात्रि नौ बजे गाजे-बाजे के साथ श्रद्धा और उल्लासपूर्ण वातावरण में स्थापित स्थल तक लाया गया।
सलेमपुर, देवरिया। शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर सलेमपुर में मां दुर्गा की प्रतिमाओं के आगमन का सिलसिला पूरे उत्साह और धूमधाम के साथ जारी है। इसी क्रम में मूर्ति नंबर 7, तहसील गेट की मां दुर्गा की प्रतिमा को रात्रि नौ बजे गाजे-बाजे के साथ श्रद्धा और उल्लासपूर्ण वातावरण में आयोजकों द्वारा निर्धारित स्थापना स्थल तक लाया गया। प्रतिमा के आगमन से क्षेत्र में भक्तिमय माहौल देखने को मिला।
सनातन धर्म की पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, मां दुर्गा शक्ति, साहस और धर्म की रक्षा की प्रतीक हैं। देवी महात्म्य में वर्णित कथा के अनुसार, जब महिषासुर के अत्याचारों से देवता और समस्त लोक त्रस्त हो उठे, तब देवताओं की संयुक्त शक्तियों से आदिशक्ति मां दुर्गा का प्राकट्य हुआ। मां दुर्गा ने महिषासुर का वध कर अधर्म पर धर्म तथा बुराई पर अच्छाई की विजय का संदेश दिया। नवरात्रि का पर्व इसी दिव्य शक्ति, आस्था और मातृशक्ति की उपासना का प्रतीक माना जाता है।
सलेमपुर में दुर्गा पूजा के लिए प्रतिमाओं को भव्यता के साथ पंडालों तक पहुंचाने की परंपरा इसी धार्मिक आस्था और सामूहिक सहभागिता को दर्शाती है। गाजे-बाजे के साथ मां की प्रतिमा का आगमन भक्तों के उत्साह को और बढ़ा रहा है। श्रद्धालु मां दुर्गा की आराधना के माध्यम से सुख, शांति, समृद्धि और कल्याण की कामना करते हैं।
तहसील गेट की मूर्ति के आगमन और स्थापना की तैयारियों में विजय गोंड, उमेश कुमार, विकास कुमार, अमित कुमार, रमेश चौरसिया, विनोद प्रजापति, रवि गोंड, विनय पाल, संदीप तिवारी, अशोक गुप्ता, गिरीश कुशवाहा सहित अन्य कार्यकर्ता शामिल रहे।
नवरात्रि के दौरान सलेमपुर में दुर्गा पूजा की तैयारियां और प्रतिमाओं का आगमन धार्मिक उत्साह के साथ जारी है। मां दुर्गा की भक्ति, पौराणिक परंपराओं और सामाजिक एकजुटता से जुड़ा यह आयोजन क्षेत्र की सांस्कृतिक एवं धार्मिक विरासत को जीवंत कर रहा है।
सनातन धर्म की पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, मां दुर्गा शक्ति, साहस और धर्म की रक्षा की प्रतीक हैं। देवी महात्म्य में वर्णित कथा के अनुसार, जब महिषासुर के अत्याचारों से देवता और समस्त लोक त्रस्त हो उठे, तब देवताओं की संयुक्त शक्तियों से आदिशक्ति मां दुर्गा का प्राकट्य हुआ। मां दुर्गा ने महिषासुर का वध कर अधर्म पर धर्म तथा बुराई पर अच्छाई की विजय का संदेश दिया। नवरात्रि का पर्व इसी दिव्य शक्ति, आस्था और मातृशक्ति की उपासना का प्रतीक माना जाता है।
सलेमपुर में दुर्गा पूजा के लिए प्रतिमाओं को भव्यता के साथ पंडालों तक पहुंचाने की परंपरा इसी धार्मिक आस्था और सामूहिक सहभागिता को दर्शाती है। गाजे-बाजे के साथ मां की प्रतिमा का आगमन भक्तों के उत्साह को और बढ़ा रहा है। श्रद्धालु मां दुर्गा की आराधना के माध्यम से सुख, शांति, समृद्धि और कल्याण की कामना करते हैं।
तहसील गेट की मूर्ति के आगमन और स्थापना की तैयारियों में विजय गोंड, उमेश कुमार, विकास कुमार, अमित कुमार, रमेश चौरसिया, विनोद प्रजापति, रवि गोंड, विनय पाल, संदीप तिवारी, अशोक गुप्ता, गिरीश कुशवाहा सहित अन्य कार्यकर्ता शामिल रहे।
नवरात्रि के दौरान सलेमपुर में दुर्गा पूजा की तैयारियां और प्रतिमाओं का आगमन धार्मिक उत्साह के साथ जारी है। मां दुर्गा की भक्ति, पौराणिक परंपराओं और सामाजिक एकजुटता से जुड़ा यह आयोजन क्षेत्र की सांस्कृतिक एवं धार्मिक विरासत को जीवंत कर रहा है।