धर्म
सिकंदराराऊ रामलीला-रासलीला में आज लक्ष्मण शक्ति लीला का शुभारंभ, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राकेश बघेल ने किया उद्घाटन
सिकंदराराऊ रामलीला में आज लक्ष्मण शक्ति लीला का मंचन हो रहा है। इसका शुभारंभ पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष राकेश बघेल ने किया। मेघनाद द्वारा लक्ष्मण जी पर शक्ति बाण चलाने और हनुमान जी द्वारा संजीवनी लाने की यह लीला भाई-प्रेम और भक्ति का प्रतीक है, जिसे देखने हजारों श्रद्धालु पहुंचे हैं।
सिकंदराराऊ के मौहल्ला गांधीगंज में चल रही ऐतिहासिक रामलीला और रासलीला में आज सबसे भावुक और महत्वपूर्ण प्रसंग लक्ष्मण शक्ति का मंचन किया जा रहा है।
रामलीला समिति के अनुसार आज की लीला का शुभारंभ मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राकेश बघेल द्वारा किया गया। श्री राकेश बघेल ने भगवान की आरती कर दीप प्रज्वलित कर लीला का आरंभ कराया। इस दौरान कमेटी के पदाधिकारियों ने उनका स्वागत किया।इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के साथ भाजपा कार्यकर्ता और नगर के गणमान्य लोग बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
आपको बता दें कि सिकंदराराऊ की रामलीला ब्रज क्षेत्र की प्रसिद्ध रामलीलाओं में से एक है, जहाँ हर साल हजारों की संख्या में श्रद्धालु लीला देखने आते हैं।
त्रेता युग में जब राम-रावण युद्ध चल रहा था, तब रावण के पुत्र मेघनाद ने छल से लक्ष्मण जी पर शक्ति बाण का प्रहार किया था, शक्ति बाण लगते ही लक्ष्मण जी मूर्छित होकर गिर पड़े।
पूरी वानर सेना में शोक छा गया था। तब वैद्य सुषेण के कहने पर हनुमान जी हिमालय से संजीवनी बूटी लाए और लक्ष्मण जी के प्राण बचाए थे। यही प्रसंग त्याग, भाई-प्रेम और संकट में धैर्य का सबसे बड़ा प्रतीक माना जाता है।
आज इसी मार्मिक लीला का मंचन सिकंदराराऊ की रामलीला में किया जा रहा है, जिसे देखने के लिए नगर में भारी भीड़ उमड़ी है।
सिकंदरा राऊ से अर्जुन वार्ष्णेय के साथ हर्षित वार्ष्णेय की रिपोर्ट।
रामलीला समिति के अनुसार आज की लीला का शुभारंभ मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राकेश बघेल द्वारा किया गया। श्री राकेश बघेल ने भगवान की आरती कर दीप प्रज्वलित कर लीला का आरंभ कराया। इस दौरान कमेटी के पदाधिकारियों ने उनका स्वागत किया।इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के साथ भाजपा कार्यकर्ता और नगर के गणमान्य लोग बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
आपको बता दें कि सिकंदराराऊ की रामलीला ब्रज क्षेत्र की प्रसिद्ध रामलीलाओं में से एक है, जहाँ हर साल हजारों की संख्या में श्रद्धालु लीला देखने आते हैं।
त्रेता युग में जब राम-रावण युद्ध चल रहा था, तब रावण के पुत्र मेघनाद ने छल से लक्ष्मण जी पर शक्ति बाण का प्रहार किया था, शक्ति बाण लगते ही लक्ष्मण जी मूर्छित होकर गिर पड़े।
पूरी वानर सेना में शोक छा गया था। तब वैद्य सुषेण के कहने पर हनुमान जी हिमालय से संजीवनी बूटी लाए और लक्ष्मण जी के प्राण बचाए थे। यही प्रसंग त्याग, भाई-प्रेम और संकट में धैर्य का सबसे बड़ा प्रतीक माना जाता है।
आज इसी मार्मिक लीला का मंचन सिकंदराराऊ की रामलीला में किया जा रहा है, जिसे देखने के लिए नगर में भारी भीड़ उमड़ी है।
सिकंदरा राऊ से अर्जुन वार्ष्णेय के साथ हर्षित वार्ष्णेय की रिपोर्ट।