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सेहोर में बाल समस्या समाधान शिविर: 75 में से 66 का मौके पर निवारण
सेहोर जिले में बाल आयोग के अध्यक्ष डॉ. निवेदिता शर्मा के नेतृत्व में आयोजित शिविर में 75 आवेदनों की सुनवाई हुई, जिनमें से 66 का मौके पर निवारण किया गया।
सेहोर जिले के पंचायत सभाकक्ष में बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष डॉ. निवेदिता शर्मा, सदस्य श्रीमती सोनम निनामा एवं श्रीमती अर्चना गुप्ता की उपस्थिति में बाल समस्या समाधान शिविर का आयोजन किया गया।
शिविर में कुल 75 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 66 का मौके पर निवारण किया गया, जबकि शेष 9 आवेदन आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों को भेजे गए।
आयोग ने अधिकारियों को लंबित शिकायतों का प्राथमिकता से परीक्षण कर निर्धारित समय-सीमा में निवारण सुनिश्चित करने तथा कार्रवाई का प्रतिवेदन आयोग एवं जिला प्रशासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। शिविर का आयोजन जिला प्रशासन एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के समन्वय से किया गया।
महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री ज्ञानेश कुमार खरे ने बताया कि शिक्षा, पुलिस, स्वास्थ्य, श्रम, आदिम जाति कल्याण, पिछड़ा वर्ग एवं अनुसूचित जाति कल्याण, महिला एवं बाल विकास, सामाजिक न्याय, खाद्य विभाग, नगरीय निकाय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने शिकायतों का परीक्षण कर विभागीय अभिमत प्रस्तुत किया। व्यवस्थित सुनवाई के लिए चार डेस्क स्थापित किए गए, जिनके माध्यम से पंजीयन, शिकायतों का परीक्षण, सुनवाई और अभिलेख संधारण की प्रक्रिया संपन्न की गई।
शिविर में कुल 75 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 66 का मौके पर निवारण किया गया, जबकि शेष 9 आवेदन आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों को भेजे गए।
आयोग ने अधिकारियों को लंबित शिकायतों का प्राथमिकता से परीक्षण कर निर्धारित समय-सीमा में निवारण सुनिश्चित करने तथा कार्रवाई का प्रतिवेदन आयोग एवं जिला प्रशासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। शिविर का आयोजन जिला प्रशासन एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के समन्वय से किया गया।
महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री ज्ञानेश कुमार खरे ने बताया कि शिक्षा, पुलिस, स्वास्थ्य, श्रम, आदिम जाति कल्याण, पिछड़ा वर्ग एवं अनुसूचित जाति कल्याण, महिला एवं बाल विकास, सामाजिक न्याय, खाद्य विभाग, नगरीय निकाय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने शिकायतों का परीक्षण कर विभागीय अभिमत प्रस्तुत किया। व्यवस्थित सुनवाई के लिए चार डेस्क स्थापित किए गए, जिनके माध्यम से पंजीयन, शिकायतों का परीक्षण, सुनवाई और अभिलेख संधारण की प्रक्रिया संपन्न की गई।