📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Unknown authorUnknown author
धर्म
सागर में 122वें वर्ष पर कांधे वाली काली माँ का अनूठा उत्सव
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 17 अक्टू. 2026, 02:36 PM
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सागर के पुरव्याऊ टौरी में स्थित कांधे वाली काली माँ की मूर्ति ने 122वाँ वर्ष पूरा किया, जो अटूट आस्था की परम्परा को दर्शाता है।
सागर के पुरव्याऊ टौरी मंदिर ने इस सप्ताह अपनी अनूठी कांधे वाली काली माँ की मूर्ति के 122वें वर्षगाँठ का जश्न मनाया। इस समारोह में जिले भर के श्रद्धालु इकट्ठा हुए, जिन्होंने देवी को भक्त के कंधे पर रखकर चलाए जाने वाली परम्परा को देखा, जो एक सदी से मंदिर की पहचान रही है।
यह रिवाज स्थानीय कथा‑कथन में गहराई से जुड़ा है और देवी के प्रति समुदाय की सामूहिक शक्ति और अटूट आस्था का प्रतीक माना जाता है। हर साल एक वरिष्ठ भक्त को मूर्ति उठाने का सम्मान दिया जाता है, जिससे देवी और उनके अनुयायियों के बीच का बंधन और मजबूत होता है।
स्थानीय पुजारीयों ने कहा कि इस परम्परा की निरंतरता मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत की दृढ़ता को दर्शाती है, चाहे समय कितना भी बदल जाए। कार्यक्रम के अंत में सामूहिक प्रार्थना और प्रसाद वितरण हुआ, जिससे सभी प्रतिभागियों में आध्यात्मिक एकता का अनुभव हुआ।
यह रिवाज स्थानीय कथा‑कथन में गहराई से जुड़ा है और देवी के प्रति समुदाय की सामूहिक शक्ति और अटूट आस्था का प्रतीक माना जाता है। हर साल एक वरिष्ठ भक्त को मूर्ति उठाने का सम्मान दिया जाता है, जिससे देवी और उनके अनुयायियों के बीच का बंधन और मजबूत होता है।
स्थानीय पुजारीयों ने कहा कि इस परम्परा की निरंतरता मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत की दृढ़ता को दर्शाती है, चाहे समय कितना भी बदल जाए। कार्यक्रम के अंत में सामूहिक प्रार्थना और प्रसाद वितरण हुआ, जिससे सभी प्रतिभागियों में आध्यात्मिक एकता का अनुभव हुआ।