कृषि
सागर में इफको की सचल मृदा परीक्षण प्रयोगशाला का शुभारंभ, किसानों को मिलेगी खेतों में ही सुविधा
मृदा स्वास्थ्य के अनुरूप उर्वरकों के संतुलित उपयोग को प्रोत्साहित करने के लिए सागर जिले में इफको की सचल मृदा परीक्षण प्रयोगशाला का शुभारंभ किया गया। कलेक्टर प्रतिभा पाल ने हरी झंडी दिखाकर वाहन को रवाना किया।
किसानों को मृदा परीक्षण की सुविधा उपलब्ध कराने तथा मृदा स्वास्थ्य के अनुरूप उर्वरकों के संतुलित उपयोग को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आज सागर जिले में इफको की सचल मृदा परीक्षण प्रयोगशाला का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर जिला कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने हरी झंडी दिखाकर सचल मृदा परीक्षण प्रयोगशाला वाहन को रवाना किया। इस कार्यक्रम में अपर कलेक्टर श्री अविनाश रावत, उपसंचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग श्री राजेश त्रिपाठी, मंडल प्रबंधक जिला विपणन संघ सागर श्री रोहित बघेल, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला सहकारी केंद्रीय बैंक श्री नीरज दुरेजा, सहायक संचालक कृषि श्री अनिल राय और श्री जयदत्त शर्मा, तकनीकी सहायक कृषि श्री भूपेंद्र राजपूत तथा इफको के क्षेत्रीय अधिकारी श्री प्रतीक गुप्ता उपस्थित रहे।
इफको के क्षेत्रीय अधिकारी श्री प्रतीक गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि सचल मृदा परीक्षण प्रयोगशाला आगामी एक सप्ताह तक जिले के विभिन्न विकासखंडों में भ्रमण कर किसानों के खेतों की मिट्टी के नमूनों का परीक्षण करेगी। इस पहल का मुख्य उद्देश्य किसानों को मृदा परीक्षण की सुविधा सुलभ कराना तथा मिट्टी में उपलब्ध पोषक तत्वों की स्थिति के आधार पर उर्वरकों के संतुलित एवं आवश्यकता अनुरूप उपयोग के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का उपयोग करने से अनावश्यक उर्वरक व्यय को कम करने, मृदा की उर्वरता बनाए रखने तथा फसलों की उत्पादकता में सुधार लाने में सहायता मिलती है।
कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल एवं उपसंचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग श्री राजेश त्रिपाठी ने किसानों से अपील की कि वे अपने खेतों की मिट्टी का परीक्षण अवश्य कराएं तथा परीक्षण परिणामों के आधार पर अनुशंसित मात्रा में उर्वरकों का उपयोग कर मृदा स्वास्थ्य बनाए रखने एवं कृषि लागत को कम करने में सहभागी बनें। सचल मृदा परीक्षण प्रयोगशाला के माध्यम से किसानों को उनके क्षेत्र में ही मृदा परीक्षण की सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। यह पहल मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, उर्वरकों के संतुलित उपयोग, कृषि लागत के युक्तिसंगत प्रबंधन तथा कृषि उत्पादकता में वृद्धि की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, जिससे किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियां अपनाने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा तथा टिकाऊ कृषि विकास को बढ़ावा मिलेगा।
इफको के क्षेत्रीय अधिकारी श्री प्रतीक गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि सचल मृदा परीक्षण प्रयोगशाला आगामी एक सप्ताह तक जिले के विभिन्न विकासखंडों में भ्रमण कर किसानों के खेतों की मिट्टी के नमूनों का परीक्षण करेगी। इस पहल का मुख्य उद्देश्य किसानों को मृदा परीक्षण की सुविधा सुलभ कराना तथा मिट्टी में उपलब्ध पोषक तत्वों की स्थिति के आधार पर उर्वरकों के संतुलित एवं आवश्यकता अनुरूप उपयोग के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का उपयोग करने से अनावश्यक उर्वरक व्यय को कम करने, मृदा की उर्वरता बनाए रखने तथा फसलों की उत्पादकता में सुधार लाने में सहायता मिलती है।
कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल एवं उपसंचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग श्री राजेश त्रिपाठी ने किसानों से अपील की कि वे अपने खेतों की मिट्टी का परीक्षण अवश्य कराएं तथा परीक्षण परिणामों के आधार पर अनुशंसित मात्रा में उर्वरकों का उपयोग कर मृदा स्वास्थ्य बनाए रखने एवं कृषि लागत को कम करने में सहभागी बनें। सचल मृदा परीक्षण प्रयोगशाला के माध्यम से किसानों को उनके क्षेत्र में ही मृदा परीक्षण की सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। यह पहल मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, उर्वरकों के संतुलित उपयोग, कृषि लागत के युक्तिसंगत प्रबंधन तथा कृषि उत्पादकता में वृद्धि की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, जिससे किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियां अपनाने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा तथा टिकाऊ कृषि विकास को बढ़ावा मिलेगा।